डलमऊ। बारिश थमने के बाद भी गंगा नदी का जलस्तर बीते तीन दिनों से लगातार बढ़ रहा है। उफान पर आई नदी का पानी तटवर्तीय इलाकों में फैलने से खेतिहर जमीन व फसलें डूबने लगी हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण कस्बे और आसपास के गांवों में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
कटरी क्षेत्र में हर तीन घंटे में नदी का जलस्तर एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ ने शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 98.500 मीटर मापा। यह खतरे के निशान 99.360 मीटर से मात्र 86 सेंटीमीटर दूर है। तीर्थ पुरोहित श्याम सुंदर, श्याम प्रकाश, रघुनंदन और सोनू ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराने में भी काफी परेशानी हो रही है। घाटों पर बैरिकेडिंग की कमी से श्रद्धालुओं को जान जोखिम में डालकर स्नान करना पड़ रहा है।
चक मलिक, जहांगीराबाद, जमाल नगर, मोहिउद्दीनपुर, अंबहा, बबूरा और पूरे रेवती सिंह गांव के ग्रामीणों ने बताया कि धान और सब्जी की फसलें जलमग्न होने से चौपट होने की कगार पर हैं। उप जिलाधिकारी डलमऊ प्रीति सिंह ने बताया कि गंगा कटरी क्षेत्र को जाने वाले रास्ते पर जलभराव के कारण एक निजी नाव की व्यवस्था कराई गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी लगातार स्थिति पर नजर रहे हैं। राहत की बात यह है कि नदी का पानी अभी तक आबादी क्षेत्र में नहीं पहुंचा है।