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पुरुष नसबंदी में सबसे पीछे अपना जिला, एक प्रतिशत ही प्रगति

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रायबरेली। परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ने का नाम नहीं ले रही है। जिले में इस साल 1458 पुरुषों की नसबंदी कराने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग को दिया गया, लेकिन अब तक मात्र 16 नसबंदी ही हो सकी हैं। महिला नसबंदी में जिले की पोजीशन ठीक है।
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इस साल अब तक 766 महिला नसबंदी हुई है। पुरुष नसबंदी का लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 21 नवंबर से पुरुष नसबंदी पखवारा शुरू करने का निर्णय लिया है। हालांकि पूर्व में भी इसके लिए अभियान चलाए गए, लेकिन लक्ष्य की पूर्ति संभव नहीं हो सकी थी।
जनसंख्या नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार की ओर से अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। परिवार नियोजन के संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अंतरा इंजेक्शन के साथ ही छाया गोलियां भी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई गई है। परिवार नियोजन के स्थायी उपायों को बढ़ाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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खासकर महिला और पुरुष नसबंदी का टारगेट भी स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है, लेकिन दोनों ही लक्ष्य को अब तक स्वास्थ्य विभाग पूरा कर पाने में सफल नहीं हो सका है। महिला नसबंदी की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन पुरुष नसबंदी के जादुई आंकड़े तक कभी भी विभाग नहीं पहुंच सका।
पुरुष नसबंदी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 21 नवंबर से चार दिसंबर तक दो चरणों में पखवारा चलेगा। पहले चरण में दंपतियों का चिन्हीकरण व दूसरे चरण में चिन्हित लोगों की नसबंदी की जाएगी। पुरुष नसबंदी के प्रति प्रेरित करने के लिए प्रेरक को 400 रुपये की प्रोत्साहन राशि व लाभार्थी को 3000 रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
विधियां वार्षिक लक्ष्य प्रगति
पुरुष नसबंदी 1468 16
महिला नसबंदी 12877 766
कुल नसबंदी 14385 782
अंतरा 00 2478
छाया 00 2192
जिले में 21 नवंबर से पुरुष नसबंदी पखवारा शुरू हो रहा है। इसके लिए सभी एएनएम और आशा बहुओं को निर्देशित कर दिया गया है। सभी को लक्ष्य को पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
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-डॉ. एसके चक, एसीएमओ/नोडल अधिकारी
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