7-जिला महिला अस्पताल में शनिवार को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी का टीका लगवाती किशोरी।
रायबरेली। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचने का कवच मिल गया है। जिला महिला अस्पताल में शनिवार को किशोरियों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका लगाने का अभियान शुरू हो गया। पहले दिन 14 साल की उम्र की सात किशोरियों में टीकाकरण किया गया।
जिले के सभी एफआरयू में भी टीकाकरण की सुविधा मिलेगी। टीका लगाने के बाद किशोरियों को टीकाकरण का प्रमाणपत्र दिया गया।
अभियान को शुरू करते हुए सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। टीकाकरण से इसका प्रभावी बचाव संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का एचपीवी का टीका जरूर लगवाएं, जिससे बेटियों को इस समस्या से बचाया जा सके। किशोरियों के लिए यह सिंगल डोज वैक्सीन है। जिले को 36 हजार किशोरियों में टीकाकरण का लक्ष्य मिला है। जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि एचपीवी टीका उन सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर लगेगा, जहां कोल्ड चेन प्वाइंट की सुविधा है। तीन माह तक यह टीका रोज सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक लगाया जाएगा। बाद में प्रत्येक बुधवार और शनिवार को ये टीके लगाए जाएंगे।
टीकाकरण के लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति अनिवार्य होगी। अभिभावक यू-विन पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण कर डिजिटल सहमति दे सकते हैं। टीका खाली पेट नहीं लगाया जाएगा।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि एचपीवी टीका पूरी तरह सुरक्षित है। टीकाकरण के बाद यदि बुखार, सिरदर्द, मतली या चक्कर जैसे सामान्य लक्षण दिखाई दें तो पैरासिटामॉल की एक गोली दी जा सकती है। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिलाना चाहिए। इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सूजन या लालिमा होने पर बर्फ से सिकाई करना लाभकारी रहेगा। किसी भी किशोरी में टीके के प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखाई दिए हैं। इस मौके पर सीएमएस डॉ. निर्मला साहू, अर्बन नोडल अधिकारी डाॅ. राकेश यादव, प्रभारी सीडीपीओ संध्या श्रीवास्तव, अर्बन कोआर्डिनेटर विनय पांडेय, अंकित मौर्या, वंदना त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।