रायबरेली। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो कोविड की तीसरी लहर का प्रकोप सितंबर से अक्टूबर माह में अपना प्रभाव दिखा सकता है। इसकी चपेट में बच्चों की आने की आशंका सर्वाधिक है।
ऐसे में नियमित टीकाकरण मात्र से ही बच्चों का रोग प्रतिरोधक क्षमता को 80 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए सभी अभिभावक अपने बच्चों को समय से नियमित टीका जरूर लगवाएं। इसमें बरती जाने वाली लापरवाही बाद में भारी पड़ सकती है।
यह जानकारी सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि जब तक कोरोना से बचाने को बच्चों का टीका नहीं आ जाता तब तक बच्चों को नियमित टीके ही समय से लगवा कर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को 80 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।
सीएमओ ने बताया कि इसी लिए लॉक डाउन के दौरान भी बच्चों के टीकाकरण का कार्य लगातार हो रहा है। माता-पिता अपने बच्चों को टीका अवश्य लगवाएं। नियमित टीका लगवाकर बच्चों को पोलियो, हेपेटाइटिस, टीबी, डीपीटी और टिटेनस जैसी बीमारियों से महफूज रखने के साथ ही कोरोना संक्रमण के खतरे से भी बचाया जा सकता है।
जानकारों की माने तो मार्च के अंत से कोरोना का कहर बढ़ने के बाद से पीएचसी, सीएचसी व अस्पतालों में होने वाला नियमित टीकाकरण कार्य काफी प्रभावित हुआ है। ऐसे में बच्चों को नियमित टीके समय से नहीं लग पाए हैं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारंटी कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. मनीष सिंह राजपूत का कहना है कि बच्चों में लगने वाले नियमित टीके विभिन्न गंभीर बीमारियों से बच्चों को बचाते हैं।
यदि समय से बच्चों में सभी टीके लगवा दिए जाएं तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता 80 फीसदी तक बढ़ जाती। कोरोना काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता की स्टांग होनी जरूरी है। जिसकी इम्यूनिटी मजबूत है वह कोरोना से जंग जीतने में सक्षम है, इसलिए माता-पिता बच्चों को नियमित टीका लगवाने में कतई देरी न करें। समय से सभी टीके किसी भी सरकारी अस्पताल में पहुंचकर लगवाए जा सकते हैं।
मुफ्त हैं गंभीर बीमारियों से बचाने के टीके
जिला स्वास्थ्य शिक्षा डीएस अस्थाना का कहना है कि बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क टीके लगवाए जा रहे हैं। अभिभावक टीका कार्ड के हिसाब से सेंटरों पर पहुंचकर बच्चों को टीके लगवा सकते हैं।
डिप्थीरिया, काली खांसी, हेपेटाइटिस-बी, मेनिंजाइटिस, टिटनेस, पोलियो, टीबी, खसरा व निमोनिया, जेई प्रभावित जिलों में जेई का टीका तथा यूआईपी के तहत नए टीके जैसे रोटा वायरस, आईपीवी, वयस्क जेई का टीका, न्यूमोकोकल कंजुगेट टीका, खसरा, रूबेला आदि टीके निशुल्क लगाए जाते हैं।