जिले में यूरिया के लिए हाहाकार है। यूपी एग्रो में ताला लटका दिया गया है। पीसीएफ गोदाम और साधन सहकारी समितियों में भी यूरिया नदारद है। जबकि डीएपी डंप है।
मंगलवार को सैकड़ों किसान यूरिया के लिए जिला मुख्यालय पहुंचे, लेकिन उन्हें मायूस लौटना पड़ा। इसके बावजूद कृषि विभाग यूरिया की मौजूदगी का दावा कर रहा है।
इस बार जिले में एक लाख 78 हजार 94 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की रोपाई की गई है। कम बारिश के चलते किसी तरह किसानों ने धान की रोपाई की है।
इस समय फसल में यूरिया का छिड़काव किया जाना है, लेकिन तीन लाख 85 हजार किसान खाद की किल्लत से परेशान हैं। लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग स्थित यूपी एग्रो पर भारी संख्या में किसान पहुंचे, लेकिन यहां ताला लटक रहा था।
साथ ही बोर्ड पर यूरिया न होने की सूचना भी लिखी है। यहां के बाद किसान गोरा बाजार स्थित पीसीएफ गोदाम पहुंचे। वहां पर डीएपी तो थी पर यूरिया नहीं मिली।
पूछने पर किसानों को रैक आने पर खाद मिलेगी की सूचना मिली। ऐसे में सैकड़ों किसानों को मायूस लौटना पड़ा। जिले की साधन सहकारी समितियों में भी यूरिया नहीं है।
महराजगंज, सतांव, राही, डलमऊ, सतांव, जगतपुर, सलोन, बछरावां आदि क्षेत्रों की साधन सहकारी समितियों में यूरिया न होने से यहां के किसान जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। बावजूद मायूसी हाथ लग रही है।