लालगंज। पिटाई से घायल खानपुर खपुरा गांव निवासी राजेंद्र यादव (35) की मौत से आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बुधवार को जमकर हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर आरोपी पक्ष को बचाने का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर कई घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने मांगें पूरी करने का आश्वासन देकर बमुश्किल परिजनों का गुस्सा शांत कराया।
गांव में 21 सितंबर को जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। इसमें दोनों पक्षों से 16 लोग घायल हुए थे। एक पक्ष के गंभीर रूप से घायल राजेंद्र यादव (35) की इलाज के दौरान सोमवार रात एम्स में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम पांच बजे शव गांव पहुंचा था। परिजनों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया था। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। बुधवार सुबह छह बजे से घटना को लेकर आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पिता रामचरन यादव व मृतक युवक की पत्नी गुड्डी ने भी घटना पर नाराजगी जताते हुए इंसाफ दिलाने की मांग की।
परिजनों ने दूसरे पक्ष की तहरीर पर दर्ज की गई एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं हटाने, मृतक के परिवार को दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाने, आवासीय पट्टा और एक बीघा कृषि योग्य भूमि देने की मांग रखी। मौके पर मौजूद एसडीएम राजेश श्रीवास्तव और तहसीलदार पवन कुमार यादव, सीओ लालगंज सुजीत राय ने लिखित तौर पर पीड़ित परिवार को उनकी सभी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिलाया। इस पर करीब 12 घंटे बाद पांच बजे परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि मृतक युवक के पिता रामचरन यादव की तहरीर पर मिथुन, ओमप्रकाश, जितेंद्र, हरिप्रसाद, सुमित, अमन, जनकदुलारी, नीतू, संगीता, सेठिया, रामसुमेर, विनोद और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गांव में स्थिति सामान्य है। परिजनों ने गेगासों गंगाघाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।