रायबरेली। शहर के एफजी डिग्री कॉलेज में परीक्षा परिणामों को लेकर इस बार कुछ ज्यादा ही खामियां सामने आ रही हैं। बीए तृतीय वर्ष के काफी छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम ही नहीं आया तो बीएससी तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण कर दिया गया। इससे छात्र-छात्राएं परेशान हैं और भटक रहे हैं। आगे की पढ़ाई के लिए दाखिले में भी समस्या आ रही है। महाविद्यालय के प्राचार्य का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय को चिट्ठी लिखकर समस्या से अवगत करा दिया है।
एफजी डिग्री कालेज के बीए तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को जिला प्रशासन को शिकायती पत्र देकर अपनी समस्या बताते हुए निराकरण की मांग की है। शुभम साहू, जान्हवी पटेल, पूनम विशाल, वंदना मौर्या, रिंकी गुप्ता, पूजा शर्मा, मनीषा, प्रियंका मौर्या, नरेंद्र गुप्ता, सुंदरलाल आदि ने जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र में कहा है कि उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया है। इससे वे लोग बीएड की प्रवेश काउंसिलिंग में भाग नहीं ले पा रहे हैं।
यदि परीक्षा परिणाम 22 नवंबर से पहले घोषित नहीं किया गया तो वे प्रवेश से वंचित रह जाएंगे। अगर नतीजे समय से घोषित न हो सकें तो काउंसिलिंग तिथि को बढ़ाया जाए। उधर, एफजी डिग्री कालेज के प्राचार्य डा. हरीशचंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि करीब 55 बच्चों का रिजल्ट नहीं आया है, जबकि सभी ने परीक्षा दी थी। कापियां भी जंची और बाकी औपचारिकताएं भी पूरी की गई। विश्वविद्यालय स्तर पर ही परीक्षा परिणाम रोका गया है। इस बारे में विवि को अवगत करा दिया गया है।
परीक्षा परिणाम संशोधित करने को लिखा गया पत्र
एफजी डिग्री कालेज के ही बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को अनुत्तीर्ण कर दिया गया है, जिस पर प्राचार्य डा. हरीशचंद्र श्रीवास्तव ने छत्रपति शाहूजी महराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति को पत्र भेजा है। प्राचार्य ने कहा है कि बीएससी तृतीय गणित के प्रथम एवं तृतीय प्रश्नपत्र में सभी छात्र-छात्राओं को अनुत्तीर्ण दर्शाया गया है, जो त्रुटिपूर्ण प्रतीत होता है। इस संबंध में छात्र-छात्राओं ने प्रत्यावेदन भी दिया है और परीक्षा परिणाम संशोधित करने की मांग की है। इसलिए छात्रहित में परीक्षा परिणाम पर पुनर्विचार कर संशोधित किया जाए।