रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे के ऊंचाहार बाईपास पर पानी भरे 20 फीट गहरे गड्ढे में बेकाबू ट्रैक्टर के पलटने से एक युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर गई पुलिस ने चालक के शव को पानी के गड्ढे से बाहर निकाला। ये गड्ढा गंगा एक्सप्रेस की मिट्टी भराई कार्य के लिए जेसीबी से खोदा गया था।
पूरे ननकऊ मजरे पट्टी रहस कैथवल गांव निवासी शुभम यादव उर्फ सोनू (27) ट्रैक्टर चालक थे। वह अपना निजी ट्रैक्टर व कृषि यंत्रों से दूसरों के खेतों की जोताई करते थे। शुक्रवार की सुबह एक किसान का धान पीटने के लिए ट्रैक्टर में धान पीटने की मशीन लगाकर पिपरहा गांव जा रहे थे।
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के ऊंचाहार बाईपास पर नऊवनहार गांव के पास ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर 20 फीट गड्ढे में पलट गया। ट्रैक्टर पलटते समय शुभम का सिर स्टेयरिंग से टकरा कर वह सीधे पीने में चले गए। सिर पर चोट लगने से वह पानी से बाहर नहीं निकल सके और उनकी पानी में डूबकर मौत हो गई। गड्ढा अधिक गहरा होने से केवल ट्रैक्टर की छतरी बाहर से दिख रही थी। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने शव व ट्रैक्टर को गड्ढे से बाहर निकाला। कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि पानी में डूबने से युवक की मौत हुई है।
पति की मौत से बेहोश हो गई पत्नी
शुभम अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। घर की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधे पर थी। घटना की खबर घर पहुंची तो मां सीमा चीख उठी। बोली अभी तो बेटा घर से गया था, ये कैसे हो गया। वहीं पति की मौत से पत्नी राधा बेहोश हो गई। होश में आई, तो दहाड़े मारकर रोने लगी, बोली कि अब मेरा व बेटे अयांश का सहारा कौन बनेगा। हम उनके बिना कैसे जिएंगे। परिजनों का हाल देखकर गांव वालों की भी आंखें नम हो गईं।
गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए खोदी गई है मिट्टी
लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग व गंगा एक्सप्रेस वे निर्माण में आसपास के गांवों से मिट्टी का खनन किया गया है। इन गड्ढों में बारिश के बाद पानी भरा हुआ है। जिस गड्ढे में ट्रैक्टर गिरा है, उस गड्ढे से ही मिट्टी खोदकर बाईपास निर्माण में डाली गई है। जेसीबी से मिट्टी की खोदाई होने से लगभग 20 फिट गहरे गड्ढे में 6 फिट पानी भरा हुआ है। वहीं गड्ढे आसपास राजमार्ग पर कोई बैरिकेडिंग भी नहीं लगाई गई गई, इससे वाहनों के अनियंत्रित होने पर सीधे गड्ढे में पलट जाने का खतरा बना रहता है। सुरक्षा व्यवस्था न होने से लोगों में नाराजगी है।