रायबरेली। ओवरलोड वाहनों से वसूली के मामले का पर्दाफाश होने के करीब 54 दिन बाद जिले में नए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) की तैनाती की गई है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बीते 10 नवंबर को लालगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपी एआरटीओ और यात्री कर अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। अब उमेशचंद्र कटियार को जिले में प्रवर्तन की जिम्मेदारी दी गई है। राजेश सिंह कुशवाहा यात्री कर अधिकारी का काम देखेंगे।
ओवरलोड वाहनों से वसूली के मामले में 11 नवंबर को रायबरेली व फतेहपुर एआरटीओ समेत 11 लोगों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स ने लालगंज कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर की थी। लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंबारा पश्चिम मोहित सिंह, अयोध्या जिले के बेजू पुरवा टिहुरा निवासी ट्रक चालक सुनील यादव, एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर पुष्पांजली, उनके चालक सिकंदर, यात्री कर अधिकारी (पीटीओ) फतेहपुर अखिलेश चतुर्वेदी, उनके चालक अशोक तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन रायबरेली अंबुज, उनका दीवान नौशाद, पीटीओ रायबरेली रेहाना, उनका चालक सुशील और मिथुन के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद एसटीएफ ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था।
मामले में यात्री कर अधिकारी रेहाना बानो को बीती 29 नवंबर को निलंबित किया गया था। दो दिन पहले एआरटीओ प्रवर्तन अंबुज को भी निलंबित कर दिया गया। वसूली के खुलासे के बाद जिले में वाहनों की चेकिंग का काम प्रभावित हो गया है। एआरटीओ प्रशासन अरविंद यादव को प्रवर्तन का भी काम दिया गया, लेकिन औपचारिकता निभाई गई।