सलोन (रायबरेली)। पूरे यूक्रेन में तबाही मची है। लोग जान बचाकर भाग रहे हैं। डर और दहशत का माहौल इतना है कि कोई किसी से बात नहीं कर रहा है। अब यूक्रेन से बचकर निकलना चाहती हूं। यह गुहार है सलोन नगर के परशदेपुर रोड निवासी शशांक रस्तोगी की बेटी श्रुति रस्तोगी (22) की।
श्रुति इसी माह सात फरवरी को यूक्रेन के बोगो मेलेट्स मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर बनने का ख्वाब संजोए पढ़ाई करने गई थी। परिवारीजनों से बातचीत में वह बताती है कि जहां हम ठहरे हैं, वहां से 20 किमी. दूर रूस गोलीबारी कर रहा है।
बताती हैं कि मेरे साथ हॉस्टल में लगभग तीन सौ भारतीय छात्र-छात्राएं हैं। श्रुति की मां रचना रस्तोगी और पिता ने प्रधानमंत्री से बेटी के सकुशल यूक्रेन से वापसी की गुहार लगाई है। माता-पिता का कहना है कि बेटी को लेकर हम लोग बहुत चिंतित हैं। हम बेटी की सकुशल भारत वापसी चाहते हैं।
अंशदीप को आ रही घर की याद
सलोन कस्बे के मेन रोड निवासी गुरुचरन सिंह उर्फ राजू सरदार का लड़का अंशदीप सिंह 24 नवंबर को मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन के लवीव हॉस्टल गया था। अंशदीप ने फोन पर माता-पिता को बताया कि वह यूक्रेन में पोलैंड बार्डर से 60 किमी. दूर है। जिस तरह रूस गोलीबारी कर रहा है, उससे डर लग रहा है। बस सकुशल घर पहुंचने का ही ख्याल मन में आ रहा है। छात्र अंशदीप के पिता और मां दलजीत कौर ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से बच्चे को सकुशल वापस लाने की गुहार लगाई है। राजू सरदार ने बताया कि कॉलेज प्रशासन सड़क मार्ग से बेेटे को पोलैंड भेजने की तैयारी कर रहा है।