शिवगढ़। बीते दिनों हुई बारिश से क्षेत्र से होकर निकली शिवगढ़ ड्रेन उफना गई। इससे करीब दो हजार बीघा धान की फसल में पानी भर गया है। यह हाल तब है, जब इस साल ड्रेन की सफाई में 18 लाख रुपये खर्च किए गए। बावजूद इसके ड्रेन जलकुंभी से पटी है। किसानों को आशंका है कि यदि और बारिश हुई, तो पानी गांव तक भी पहुंच सकता है।
शिवगढ़ ब्लॉक क्षेत्र में 36 ग्राम पंचायतें व एक नगर पंचायत है। यहां की आबादी करीब डेढ़ लाख है। ज्यादातर लोग खेती पर आश्रित हैं। बारिश में गांवाें और खेतों में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए शिवगढ़ ड्रेन का निर्माण करीब 60 साल पहले कराया गया था। लखनऊ जिले से ड्रेन निकली है, जिसकी लंबाई 49 किलोमीटर है। शिवगढ़, हलोर, महराजगंज होते हुए यह ड्रेन सई नदी में जाकर मिली है।
रखरखाव नहीं होने से ड्रेन जलकुंभी और झाड़ियों से पटी है। शिवगढ़ क्षेत्र में ड्रेन की लंबाई 15 किलोमीटर है, जिसकी सफाई में करीब 18 लाख रुपये खर्च किए गए। किसानों ने बताया कि जब तक पूरी ड्रेन की सफाई नहीं कराई जाएगी, तब तक समस्या दूर नहीं होगी। बताया कि इस समस्या से जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
इन गांव के लोग प्रभावित
शिवगढ़ ड्रेन उफनाने से हुलासखेड़ा, बाबा का पुरवा, परीवां, नर्रदही, गनहरी, वाजिदपुर, बहुदा, बेड़ारू, निबड़वलि, गढ़ी, चितवनिया, रायपुर, बैंती, जयचंदपुर, शिवली, मनऊखेड़ा, पिपरी, तरौंजा, ढेकवा, मठगोसाईं, मसापुर, कोड़र, पहाड़पुर, गुमावा, पड़रिया, बरियारपुर गांव के किसान प्रभावित हैं।
चितवनिया के किसान रामलखन चौधरी, प्रसाद पुरवा के रामशंकर सिंह चौहान, अलीपुर के अंशुमान सिंह, पड़रिया के रामपाल सिंह, कसना के रामकिशोर मौर्य ने बताया कि यह समस्या हर साल होती है। कहा हर साल आधी ड्रेन की सफाई कराई जाती है। यही वजह है कि पानी सई नदी तक पहुंचने से पहले उफना जाता है। इससे हर साल जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है।
बजट के अभाव में नहीं हो पाई सफाई
बजट के हिसाब से शिवगढ़ ड्रेन में जलकुंभी की सफाई कराई गई थी। ड्रेन से पानी बराबर निकल रहा है। दो-तीन दिन में पानी निकल जाएगा। बजट मिलने पर पूरी ड्रेन की सफाई कराई जाएगी।
आरएन श्रीवास्तव, अवर अभियंता, शारदा सहायक खंड 28
शिवगढ़ क्षेत्र में सफाई न होने से उफनाई शिवगढ़ ड्रेन।
शिवगढ़ क्षेत्र में सफाई न होने से उफनाई शिवगढ़ ड्रेन।