रायबरेली। जिले में सीने में दर्द, सांस की समस्या और बुखार व उल्टी दस्त का प्रकोप बढ़ गया है। सीने में दर्द बढ़ने और सांस की समस्या के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए दो मरीजों की मौत हो गई। बुखार और उल्टी दस्त से पीड़ित 21 से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। सुबह से ही बारिश होने के बाद भी ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ रही।
शहर के खाली सहाट की रहने वाली 85 वर्षीय धर्मावती को सांस की समस्या होने पर गत रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीने में दर्द उठने के बाद हालत बिगड़ने पर पूरे नंदा चंदापुर निवासी 75 वर्षीय अकबाल सिंह को भर्ती कराया गया। दोनों मरीजों की मौत हो गई। सोमवार को बुखार और उल्टी-दस्त की समस्या बढ़ने पर वीर (4), अंकुश (3), समी (11), अमिता (12), गोलू (2), ऊषा (50), देवांश (11), सर्वेश (55), संध्या (7), मायादेवी (65), ननकई (60), राज कुमार (45), रितिक (2), अब्बास (55), फूलदुलारी (45) आदि मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। उधर, ओपीडी में भी भीड़ रही।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि सीने में दर्द उठने पर चिकित्सीय सलाह जरूर लें। बिना चिकित्सक की सलाह के कोई दवा न खाएं। मौसम में बदलाव के कारण सांस, सीने में दर्द, बुखार और उल्टी दस्त के मरीज बढ़े हैं।