रायबरेली। बिजली उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई बिजली बिल राहत योजना के पहले चरण में लाभ उठाने से करीब दो लाख उपभोक्ता वंचित रह गए हैं। पंजीकरण कराने वाले 50 हजार उपभोक्ताओं ने 56 करोड़ रुपया राजस्व जमा किया। योजना के तहत इन उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर लगा 49 करोड़ रुपये ब्याज माफ किया गया है। मूलधन पर भी 25 फीसदी छूट दी गई। योजना के आखिरी दिन 153 जगह शिविर लगाए गए। अंतिम दिन चार हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया।
बिजली बिल राहत योजना एक दिसंबर को शुरू की गई थी। इसे तीन चरणों में लागू किया गया है। पहले चरण में पंजीकरण कराने वाले बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर लगा ब्याज को माफ किया गया। इसके साथ ही मूलधन पर 25 प्रतिशत की छूट दी गई। अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिले। इसके लिए प्रचार-प्रसार लगातार चल रहा है। इसके बावजूद करीब दो लाख उपभोक्ता योजना का लाभ उठाने से वंचित रह गए।
अब दूसरा चरण एक जनवरी से शुरू होगा। इस चरण में उपभोक्ताओं का बिजली बिल में लगा ब्याज तो माफ होगा, लेकिन मूलधन में 20 फीसदी की छूट दी जाएगी। इसी तरह तीसरे चरण में पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं का ब्याज तो माफ होगा, लेकिन मूलधन में 15 फीसदी की छूट मिलेगी। अधीक्षण अभियंता अनुभव कुमार ने बताया कि योजना का पहला चरण समाप्त हो गया है। इस दौरान 50 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराकर लाभ उठाया।
162 बकायेदारों के कनेक्शन काटे
रोहनिया। विद्युत उपकेंद्र रसूलपुर, उपखंड कार्यालय, पूरे घोसी गांव में लगाए गए शिविर में 312 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराकर योजना का लाभ उठाया। 12 लाख रुपये राजस्व जमा किया। 162 बड़े बकायेदार उपभोक्ताओं के घरों की बिजली काटी गई। अवर अभियंता अवनीश पटेल ने बताया कि पहला चरण समाप्त हो गया है। वंचित उपभोक्ता दूसरे चरण में पंजीकरण कराकर योजना का लाभ उठा सकते हैं।