जगतपुर सीएससी में बना डेंगू वार्ड।
रायबरेली। जिले में डेंगू के खतरे को देखते हुए सभी 19 सीएचसी में दो बेड का डेंगू वार्ड संचालित किया गया है। एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) के मरीजों के इलाज के लिए नौ सीएचसी में इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) खोले गए हैं। डेंगू और जेई, एईएस के मरीजों को यहां भर्ती करके इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सूचना मिले ही टीमें गांवों में भेजने के लिए कहा है।
जिले में डेंगू का संक्रमण बढ़ गया है। सीएमओ ने संक्रमण को देखते हुए सभी सीएचसी में दो-दो बेड के डेंगू वार्ड स्थापित कराए हैं। इसके अलावा एईएस और जेई के मरीजों का तुरंत इलाज शुरू करने के लिए जिले के हरचंदपुर, महराजगंज, बछरावां, सलोन, जगतपुर, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज और खीरों सीएचसी में ईटीसी सेंटर स्थापित किया गया है। यहां भी दो-दो बेड रखवाए गए हैं। जांच और इलाज के लिए पर्याप्त दवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
जगतपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. एलपी सोनकर ने बताया कि ईटीसी सेंटर के साथ ही डेंगू वार्ड संचालित कराया गया है। अब तक मरीज नहीं आए हैं। ऐसे मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं।
सभी 19 सीएचसी में डेंगू वार्ड के साथ नौ सीएचसी में इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटरों को संचालित कराया गया है। डेंगू व एईएस और जेई के मरीजों का यहां इलाज होगा। अधीक्षकों को क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। दवाओं के पर्याप्त बंदोबस्त कराए गए हैं।