रायबरेली। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों को बुधवार रात भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत लखनऊ में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ समेत नौ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सीओ लालगंज अमित सिंह को मामले की विवेचना सौंपी गई है।
एसटीएफ के उपनिरीक्षक अमित कुमार ने मंगलवार रात रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंबारा पश्चिम मोहित सिंह, अयोध्या जिले के बेजू पुरवा टिहुरा निवासी ट्रक चालक सुनील यादव, एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर पुष्पांजली, उनके चालक सिकंदर, यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) फतेहपुर अखिलेश तिवारी, उनके चालक अशोक तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन रायबरेली अंबुज, उनका दीवान नौशाद, पीटीओ रायबरेली रेहाना, उनका चालक सुशील और मिथुन के खिलाफ लालगंज कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आदि की धारा में केस दर्ज कराया गया था। दलाल मोहित सिंह और ट्रक चालक सुनील यादव को एसटीएफ पकड़कर अपने साथ ले गई थी।
एफआईआर के मुताबिक मोहित रायबरेली-फतेहपुर मार्ग से गुजरने वाले ट्रक व डंपरों से अवैध वसूली करता था। इसमें रायबरेली और फतेहपुर के अधिकारियों की मिलीभगत रहती थी। बैंक के जरिये वह वसूल गए रुपयों की लेनदेन विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से करता था। मोहित के पास 141 वाहनों की सूची बरामद हुई थी। प्रतिमाह वाहनों को पास कराने के नाम पर वसूली की जाती थी।
अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक एसटीएफ ने जिन आरोपियों को पकड़ा था, उन्हें जेल भेजा गया है। सीओ ने बताया कि वह काम के सिलसिले में दिल्ली गए थे। दिल्ली से लौट आए हैं। मामले की विवेचना उन्हें सौंपी गई है। मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।