रायबरेली। एसओजी टीम और मिल एरिया पुलिस ने मंगलवार को ट्रक चालक-खलासी की हत्या की वारदात का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने हत्या में शामिल दो आरोपियों को दबोच लिया, जबकि तीन फरार हैं। पुलिस की मानें तो 2.50 लाख कीमत की सीमेंट की खातिर ट्रक चालक-खलासी की हत्या की गई थी। पहले रॉड से वार करके दोनों को मौत के घाट उतारा गया था और फिर नइया नाला पुल में दोनों के शव फेंक दिए गए थे।
पुलिस कार्यालय में लखनऊ रेंज की आईजी लक्ष्मी सिंह और एसपी स्वप्निल ममगाई ने मंगलवार को संयुक्त रूप से सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया। आईजी ने बताया कि अमेठी जिले के पीपरपुर थाना क्षेत्र के वासुदेवपुर तुलापुर गांव निवासी वेद प्रकाश तिवारी 14 अगस्त को रायबरेली जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र स्थित बिरला सीमेंट फैक्टरी से ट्रक पर 640 बोरी लादकर अंबेडकरनगर के लिए रवाना हुआ था।
गोंडा जिले के नौबस्ता वजीरगंज का रहने वाला प्रहलाद खलासी के तौर पर साथ में था। ट्रक चालक और खलासी की हत्या करके नहर फेंक दिया गया था। दोनों शवों को पुलिस ने बरामद करके आरोपियों की धरपकड़ शुरू की थी। आईजी ने बताया कि एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ के सर्विलांस सेल के उप निरीक्षक सर्वेश पाल और मिल एरिया थानेदार राकेश सिंह ने टीम के साथ घटना में शामिल दो हत्या आरोपियों को दबोचा।
इसमें मिल एरिया थाना क्षेत्र के घूराडीह गांव निवासी अजय सिंह, बछरावां कोतवाली क्षेत्र के राघवपुर गांव निवासी जाकिर हुसैन को पकड़ा गया है। वहीं मिल एरिया क्षेत्र के घूराडीह निवासी अतुल सिंह, रोहित सिंह, महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के दुसौती निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ मोनू सिंह भी वारदात में शामिल थे, जिनकी तलाश की जा रही है।
आईजी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई 450 बोरी सीमेंट, मृतक के कपड़े, घटना में प्रयुक्त की गई कार, लूटा गया ट्रक और स्टील की राम्ड, 315 बोर का तमंचा बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह वारदात वाले दिन वह सभी खसपरी में चाय पी रहे थे। इसी दौरान कार से ट्रक का पीछा किया था। ट्रक के आगे कार खड़ी करके वाहन रोक लिया था।
इसके बाद ट्रक चालक-खलासी की हत्या करके दोनों के शव नहर में फेंक दिया था। इसके बाद ट्रक को प्रतापगढ़ जिले में छोड़कर फरार हो गए। प्रभारी सीओ सदर राघवेंद्र चतुर्वेदी और महराजगंज कोतवाल अरुण कुमार सिंह का भी वारदात का खुलासा करने में सहयोग रहा। वारदात के बाद से सीओ पूरे मामले को गंभीरता से देख रहे थे। उनकी अगुवाई में एसओजी टीम अपराधियों को पकड़ने में सफल हो गई।
बताया जा रहा है कि महराजगंज कोतवाल की ओर से लूटी गई सीमेंट को क्षेत्र से ही बरामद किया गया। डबल मर्डर के मामले में आईजी लक्ष्मी सिंह मिल एरिया थानेदार राकेश सिंह से खफा रहीं। वारदात के बाद निरीक्षण करने यहां पहुंची आईजी ने एसओ को फटकार भी लगाई थी। मंगलवार को हुए खुलासे में जो प्रेस नोट जारी किया गया, उसमें आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में मिल एरिया थानेदार का नाम नहीं रहा। बस एसओजी टीम के प्रभारी और उनके सहयोगियों का ही प्रेस नोट में नाम रहा। कहा जा रहा है कि आईजी ने स्वयं प्रेस नोट से मिल एरिया थानेदार का नाम कटवा दिया। यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।