जिले में मंगलवार को पेट्रोल पंपों पर ताले लटके रहे। इससे वाहन मालिक डीजल, पेट्रोल के लिए परेशान रहे। पेट्रोल पंप मालिकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।
कहा कि सरकार अपना फैसला बदले, वरना अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। दोपहर 12 बजे के बाद पेट्रोल पंप के ताले खुले तो वाहन मालिकों में डीजल, पेट्रोल भराने के लिए मारामारी मच गई।
यूपी पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन के आह्वान पर रायबरेली पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की ओर से हड़ताल की गई। सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक जिले के 85 पेट्रोल पंप पर ताले लटके रहे।
डिग्री कॉलेज चौराहा, सिविल लाइंस, रतापुर चौराहा, त्रिपुला चौराहा, मोटल तिराहा आदि के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहन मालिकों की भीड़ लगी रही। वह इंतजार करते रहे कि ताला कब खुलेगा।
डिग्री कॉलेज चौराहा पर खड़े वाहन मालिक सर्वेश सिंह, पारुल प्रजापति, सरफराज का कहना था कि एक घंटे से खड़े हैं, लेकिन डीजल, पेट्रोल नहीं मिल सका है। पूछने पर बताया गया कि हड़ताल है। दोपहर को पेट्रोल पंप खुले तो डीजल, पेट्रोल के लिए मारामारी के साथ ही धक्कामुक्की की नौबत रही।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जीतेंद्र शर्मा ने कहा कि 22 जुलाई की रात प्रदेश सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर न्यूनतम वैट सीमा निर्धारित करते हुए पेट्रोल के फुटकर मूल्यों में 2.09 रुपये और डीजल के 1.72 रुपये की बढ़ोतरी करके आम जनता पर बोझ बढ़ा दिया है।
मानस अवस्थी, विमल तलरेजा, अजय पाल सिंह आदि ने कहा कि प्रदेश सरकार फैसला बदले, वरना तीखा आंदोलन शुरू किया जाएगा।