स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रोगियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप की 12 क्लीनिकों पर सोमवार को छापे मारे। छापे के दौरान रोगियों के इलाज में किस तरह की अंधेरगर्दी की जा रही थी, यह खुलकर सामने आया।
पेड़ पर बोर्ड टांगकर नीचे रोगियों का इलाज किया जा रहा था। कई झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए। इस दौरान आला समेत अन्य सामान जब्त कर लिया गया। सभी को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। स्पष्टीकरण न देने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
सीएमओ डॉ. डीके सिंह के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. एसके चक, जिला शिक्षा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एके पांडेय की टीम ने झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई के लिए सोमवार को अभियान शुरू किया। डीह ब्लॉॅक क्षेत्र के बरगदहा, हनुमानगंज, भरतगंज, सुंदरगंज, कंचनावा समेत 12 स्थानों पर छापा मारा गया।
यहां पर झोलाछाप बाकायदा क्लीनिक बनाकर रोगियों का इलाज कर रहे थे। यही नहीं कई ऐसे भी रहे, जो पेड़ पर बोर्ड टांगकर रोगियोें का इलाज कर रहे थे। यह देख अधिकारी भी दंग रह गए।
छापा पड़ते ही कई झोलाछाप और इलाज के लिए आए रोगी आदि वहां से भाग खड़े हुए। टीम के अधिकारियों ने क्लीनिकों की पूरी जांच की। आला समेत अन्य सामान भी जब्त कर लिया। एसीएमओ का कहना है कि 12 झोलाछाप को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जवाब न देने पर सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। रोगियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसीएमओ के मुताबिक खुरेहटी स्थित सर्वेश कुमार, बरगदहा स्थित आरएन यादव, हनुमानगढ़ी स्थित लल्ली यादव, भरतगंज स्थित जावेद अहमद, सुंदरगंज स्थित हरदीप सिंह मोंगा, परशदेपुर रोड स्थित आरएस वैद्य, सुंदरगंज स्थित पृथ्वीपाल, भरतगंज स्थित पंकज गुप्ता के क्लीनिकों पर छापे मारे गए।
इसके अलावा प्रजापति डेंटल क्लीनिक भरतगंज, कंचनावां स्थित सीके शुक्ला और आंटी नौगवां स्थित आरडी यादव के क्लीनिकों पर छापे मारे गए। छापा पड़ते ही ये तीनों लोग फरार हो गए। मौके से आला समेत अन्य सामान को जब्त कर लिया गया।