दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में आंधी के साथ बारिश हुई। हालांकि शहर में हल्की हवा चली और बूंदाबांदी हुई। देहात क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। डलमऊ तहसील क्षेत्र के मुराईबाग कस्बे के शंकर नगर वार्ड में नालियों की साफ-सफाई नहीं कराई गई है। इससे बारिश होने पर नालियां जगह-जगह उफना गईं। इससे नाली का गंदा पानी हरीशंकर, राजू सोनकर, राजकुमार शुक्ला, श्याम बाबू आदि नागरिकों के घरों में घुस गया। डर के मारे लोग बाहर भाग खड़े हुए। बारिश बंद होने पर घरों का पानी काफी मशक्कत करके बाहर निकाला जा सका। सूचना नगर पंचायत के अफसरों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। घरों में पानी घुसने से हजारों रुपये का सामान बर्बाद हो गया। नगर पंचायत अध्यक्ष कंचन श्रीवास्तव का कहना है कि नालियों की सफाई करके समस्या से निजात दिलाई जाएगी।
उधर, खीरों में तेज आंधी आने के साथ बारिश हुई। पहरौली गांव निवासी नसीम बानो (35) घर के बाहर बैठी थी। इसी दौरान आंधी, बारिश के कारण उसकी कच्ची दीवार भरभराकर ढह गई। इससे नसीम मलबे में दब गई। मलबा हटाकर उसे बाहर निकालकर सीएचसी पहुंचाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आंधी के कारण खानपुर खुष्टी, कुसुमी, नंदौरी समेत अन्य गांवों में 100 से अधिक पेड़ गिर गए। इससे लोगों को परेशानी हुई। गनीमत रही कि लोगों के ऊपर पेड़ नहीं गिरे, वरना उनकी जान भी जा सकती थे। क्षेत्र में भारी संख्या में पेड़ गिरने से लोगों में अफरातफरी का माहौल रहा। आंधी के कारण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है। पहरौली, सरायं महमूदपुर, खीरों समेत 12 गांवों में बिजली के खंभे टूटकर जमीन पर गिर पड़े। यही नहीं खीरों-सेमरी लाइन पर पेड़ गिरने से 33 केवी के तार टूटकर 11 हजार वोल्ट के तार पर गिर गए। गनीमत रही कि उस समय बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। खीरों ब्लॉक के 200 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे उपभोक्ता हलाकान है। जेई शैलेंद्र कुमार का कहना है कि पोल टूटने और लाइन में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बंद हुई है। आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मियों को मौके पर भेजा गया है।