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जिला अस्पताल में गंभीर रोगियों का इलाज आज से

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रायबरेली। जिला अस्पताल में मंगलवार से गंभीर रोगियों का इलाज शुरू हो जाएगा। हालांकि कोविड-19 की जांच के बाद ही रोगियों को वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। अन्य रोगियों को अस्पताल में इलाज के लिए अभी इंतजार करना होगा। कोरोना के कहर से जिला अस्पताल का स्टाफ भी अछूता नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद 15 जुलाई से जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से बंद हैं। यहां तक कि इमरजेंसी सेवा भी ठप चल रही है। इससे रोगियों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव और वरिष्ठ रेयियोलॉजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन के अलावा अस्पताल के अन्य चिकित्सकों की सोमवार को अस्पताल में बैठक हुई। इसमें रोगियों के इलाज को लेकर विचार-विमर्श हुआ। बातचीत के जरिये तय हुआ कि मंगलवार से गंभीर रोगियों का इलाज शुरू किया जाएगा। गंभीर रोगियों को पहले इमरजेंसी स्थित प्राइवेट वार्ड में रखा जाएगा। इलाज शुरू करने से पहले रोगी की कोरोना जांच होगी।
कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर संबंधित रोगी को अस्पताल के वार्ड में शिफ्ट करके उसका इलाज शुरू कराया जाएगा। सीएमएस का कहना है कि गंभीर रोगियों का इलाज मंगलवार से शुरू करा दिया जाएगा। इस मौके पर डॉ. बीरबल, डॉ. जय सिंह व डॉ. एमपी सिंह समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन का कहना है कि कोरोना के कहर के बीच रोगियों का इलाज करके उनकी जान बचाना बेहद जरूरी है। उनके हित को देखते हुए जिला अस्पताल में गंभीर रोगियों का इलाज करने के लिए विचार बना है। उन्होंने बताया कि कोरोना को लेकर जिला अस्पताल का स्टाफ पूरी सतर्कता बरत रहा है।
गंभीर रोगियों का इलाज अब किया जाएगा। रोगी के साथ ही उसके साथ रहने वाले तीमारदार की भी कोरोना जांच कराने का निर्णय लिया गया है। तीमारदार के अलावा अन्य किसी को भी अस्पताल के अंदर इंट्री नहीं दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना को देखते हुए विकास भवन में भी तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की सैंपलिंग की जा रही है। सोमवार को विकास भवन स्थित सीडीओ कार्यालय में सैंपलिंग की गई। टीम ने सीडीओ अभिषेक गोयल समेत 35 कर्मचारियों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सैंपलिंग की गई है। जल्द ही रिपोर्ट आएगी।
सीएचसी डीह से गंभीर रोगियों को इलाज के लिए अमेठी जाना पड़ रहा है। इससे रोगी और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीह सीएचसी में प्रतिदिन करीब 250 मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। जिला अस्पताल रायबरेली बंद होने के कारण गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल गौरीगंज अमेठी भेजा जा रहा है।
गौरीगंज अस्पताल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है और गौरीगंज के लिए डीह से आने-जाने के लिये बस अथवा अन्य वाहन की व्यवस्था भी नहीं है। इससे सीएचसी डीह से रेफर होने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. तारिक इकबाल ने बताया कि रायबरेली जिला अस्पताल में कोरोना के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हैं। इससे गंभीर रोगियों को इलाज के लिए अमेठी भेजा जा रहा है।
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