रायबरेली। शहर क्षेत्र में भले ही 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने का शेड्यूल हैं, लेकिन दिन भर ट्रिपिंग के चलते उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या से दो-चार होना पड़ता है। गर्मियों में तो कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। इस समस्या से उपभोक्ताओं को निजात दिलाने के लिए पॉवर कॉर्पोरेशन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
शहर में जगह-जगह रखे ट्रांसफार्मर का ठीक से रख रखाव नहीं होने से कहीं स्पार्किंग होती है, तो कहीं फ्यूज उड़ जाता है। पॉवर कॉर्पोरेशन के उच्च अधिकारी बार-बार दिशा निर्देश देते हैं, लेकिन यहां को देखने और सुनने वाला नहीं है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता ओपी सिंह ने बताया कि मार्च में टेंडर निकाल कर ट्री कटिंग कराई जाती है। इस समय बिजली आपूर्ति की कोई समस्या नहीं है। बार-बार ट्री कटिंग के लिए बजट भी नहीं मिलता है, जहां पर ज्यादा समस्या रहती होती वहां स्थानीय स्टाफ की मदद से समस्या को दूर कराया जाता है।
शहर में हाथी पार्क के थोड़ा आगे बढ़ने पर आंख अस्पताल का मुख्य गेट है। इसके कुछ ही दूरी पर ट्रांसफार्मर रखा है। सुरक्षा के लिए जाली तो लगी हैं, लेकिन वह भी जर्जर हो गई। ट्रांसफार्मर के ऊपर तार झाड़ियों से ढक गए है। स्थानीय रामउजेर, संदीप कुमार व विनय रस्तोगी ने बताया कि गर्मियों के दिनों में अक्सर यहां पर चिंगारी निकलती है। ट्रांसफार्मर के इर्द-गिर्द झाड़ियां लगी है। इससे करंट उतरने का खतरा बना रहता है।
कैनाल रोड स्थित हनुमान मंदिर के निकट रखे ट्रांसफार्मर में की सुरक्षा जाली के अंदर हरी झाड़ियां उगी है। यही नहीं ट्रांसफार्मर व तारों पर हरी बेल चढ़ गई है। बरसात के समय यहां पर अक्सर करंट उतरने की शिकायत होती है। कई बार तो मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। शरद मेहरोत्रा, राजेश कुमार, हेमंत कुमार व शिवकरन ने बताया कि ट्रांसफार्मर के आसपास कभी साफ-सफाई नहीं कराई जाती है। आए दिन स्पार्किंग होती है।
शहर में कई जगह बिजली के तार पेड़ की डालों के बीच झूलते रहते हैं। कभी-कभार इन तारों के आसपास में संपर्क आने से तेज स्पार्किंग होती है। तार भी टूट जाते हैं, लेकिन ट्री कटिंग के नाम पर महज खानापूर्ति होती है। आचार्य द्विवेदी इंटर कॉलेज के सामने से गुजरी लाइन के तार पेड़ की टहनियों के बीच निकले हैं। उपभोक्ता ने जयकरन यादव, मनोज कुमार साहू ने बताया कि शिकायतों का अभियंता संज्ञान नहीं लेते है।