शहर के रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर खड़े यात्री।
रायबरेली। दीपावली के बाद नौकरी और कामकाज के सिलसिले में लोग लौटने लगे हैं। त्योहार मनाने के लिए आने से पहले ही लोगों ने वापसी का टिकट आरक्षित करा लिया था, फिर भी ज्यादातर लोगों की सीटें कन्फर्म नहीं हो पाई हैं। वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी है कि लोग टिकट कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जनरल बोगियों में सफर करना मजबूरी है, लेकिन उनमें भी जगह नहीं मिल पा रही है।
लंबी दूरी का सफर करना है तो ट्रेनों से यात्रा ज्यादा फायदेमंद होती है, लेकिन रिजर्वेशन कराने के बाद भी सीट कन्फर्म न हो तो मुश्किल बढ़ जाती है। अगर सामान्य बोगियों में सफर करना पड़ जाए तो भीड़ के कारण ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। अक्तूबर महीने में अंत तक किसी भी ट्रेन में आरक्षण टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। सभी सीटें फुल होने के साथ वेटिंग लिस्ट लंबी है।
त्योहार के बाद लोगों के लौटने का सिलसिला चल रहा है, जो अक्तूबर महीने के अंत तक चलता रहेगा। मुंबई जाने वाली नियमित ट्रेन उद्योग नगरी एक्सप्रेस में 75 से अधिक व स्पेशल ट्रेन में 30 तक वेटिंग पहुंच गई है। दिल्ली जाने वालों की तादाद ज्यादा है। नियमित ट्रेनों के साथ कई स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके। पद्मावत एक्सप्रेस और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में वेटिंग 90 तक पहुंच गई है। नीलांचल एक्सप्रेस में 80 से अधिक वेटिंग है।
अमृतसर के लिए जाने वाली पंजाब मेल में वेटिंग लिस्ट 50 से 100 तक है। आगरा और कोलकाता के बीच हफ्ते में एक दिन दौड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में भी वेटिंग 100 से अधिक पहुंच गई है। वाणिज्य निरीक्षक डीडी शुक्ला का कहना है कि नियमित ट्रेनें पहले से फुल हो जाती हैं। इसीलिए यात्रियों की दिक्कत को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें भी चल रही हैं।