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ट्रेनों में घट रही यात्रियों की संख्या, आरक्षण से ज्यादा निरस्त हो रहे रेल टिकट

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रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर सन्नाटा। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। जिले से होकर चल रहीं 23 जोड़ी ट्रेनों के बावजूद रेलवे को यात्रियों से होने वाली आय में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब पहले से आरक्षण करा चुके लोग अपनी यात्रा को कैंसिल कर रहे हैं। यही वजह है कि रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर रिजर्वेशन कराने वालों से ज्यादा कैंसिलेशन कराने वाले लोग पहुंच रहे हैं।
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इस समय जिले से होकर 23 जोड़ी ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें आठ जोड़ी ट्रेनें रोजाना चलती हैं तो बाकी साप्ताहिक या हफ्ते में दो-तीन दिन संचालित होती हैं। इनमें सिर्फ एक जोड़ी ट्रेन इंटरसिटी अनारक्षित और बाकी सभी ट्रेनें आरक्षित हैं।
अनारक्षित ट्रेन में टिकटों की बिक्री भी नहीं बढ़ सकी है। रोजाना बमुश्किल आठ-दस टिकट ही बिकते हैं। अब रिजर्वेशन की स्थिति भी गड़बड़ा रही है। इधर कई दिनों से लगातार आरक्षण निरस्त कराने वालों की संख्या बढ़ी है। इस वजह से काउंटर पर होने वाली आमदनी से ज्यादा रिफंड देना पड़ रहा है।
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20 अप्रैल को 103 यात्रियों के रिजर्वेशन हुए तो 123 आरक्षण निरस्त हुए। 21 अप्रैल को 93 यात्रियों के रिजर्वेशन और 127 यात्रियों के कैंसिलेशन, 22 अप्रैल को 117 यात्रियों के आरक्षण और 144 यात्रियों के निरस्तीकरण कराए गए।
बीती 23 अप्रैल को स्थिति कुछ सुधरी और 95 रिजर्वेशन हुए, जबकि आरक्षण कैंसिल कराने वाले यात्रियों की संख्या 68 रही। मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक किरन श्रीवास्तव ने बताया कि आरक्षण कम हो रहे हैं, जबकि कैंसिल कराने वालों की संख्या बढ़ी है।
गाड़ियों की लेटलतीफी, घर जाने को नहीं मिले वाहन
ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को गर्मी में परेशान होना पड़ा। ट्रेनों के अंदर तपिश से जूझे तो रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद जांच की प्रक्रिया से गुजरे। ट्रेनों की लेटलतीफी ने भी खूब परेशान किया।
स्टेशन से बाहर आए तो लॉकडाउन के चलते घर जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला। शनिवार की तरह रविवार को भी रेलवे स्टेशन पर कुछ वैसा ही माहौल नजर आया।
पंजाब मेल सवा घंटे और जनता मेल पौन घंटे देर से आई। प्लेटफार्म से बाहर निकले तो जांच के लिए लाइन लग गई। लॉकडाउन के चलते कई यात्रियों ने अपने निजी वाहन मंगा लिए। स्टेशन पर जो ऑॅटो या ई-रिक्शा खड़े थे, उनमें सवार होने को लेकर लोगों में होड़ रही। इसके बाद भी कई यात्रियों को वाहन नहीं मिले। काफी इंतजार के बाद उन्हें पैदल ही घर लौटना पड़ा।
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