उपेक्षा का दंश झेल रहे पर्यटन स्थलों में फिर रौनक आएगी। शासन की ओर से सोमवार को जारी की गई नई पर्यटन नीति 2016 जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार बनेगी।
इस नीति के तहत शहर में कहीं भी होटल खोल सकते है। पर्यटन स्थलों का सुंदरीकरण भी हो सकेगा। यही नहीं ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपये तक अनुदान की व्यवस्था भी इस पर्यटन नीति में की गई है।
जिले की बात की जाए तो यहां पर मुख्य रूप से सलोन तहसील क्षेत्र में समसपुर पक्षी बिहार है, जहां पर पर्यटक घूमने आते हैं। पर अब वह बात नहीं रह गई, जो पहले थी।
यह समसपुर पक्षी बिहार उपेक्षा का शिकार है। झीलों में जलकुंभी उग आई है तो पक्षी बिहार जाने वाली सड़क खस्ताहाल है। साफ-सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
दूरदराज से आने वाले पक्षी भी यहां कम आते हैं। शहर में शहीद स्मारक और रेवतीराम तालाब है। इसे पर्यटन के रूप में विकसित नहीं किया जा सका है।
शासन की नई पर्यटन नीति से उम्मीद जगी है कि जिले में भी पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेगा। साथ ये पर्यटन स्थलों में रौनक फिर आ सकेगी।
नई नीति के तहत पर्यटकों की सहायता के लिए पर्यटक हेल्पलाइन की स्थापना होगी। यही नहीं खेल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
फिलहाल इतना जरूर है कि इस नीति के लागू होने से यहां के उपेक्षित पर्यटन स्थलों के दिन बहुर जाएंगे। पर्यटन विकसित होने पर इसका लाभ लोगों को मिल सकेगा।
शासन की ओर से जारी कई गई पर्यटन नीति के तहत जिले में थीम पार्क, एम्यूजमेंट पार्क और वाटर पार्क को बढ़ावा देने के लिए मनोरंजन कर और लग्जरी टैक्स से 5 वर्ष के लिए छूट दी जाएगी।
अधिक से अधिक लोग पार्क बनवाने के लिए आगे भी आएंगे। सीडीओ अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि शासन की ओर से नई पर्यटन नीति 2016 की गाइड लाइन अभी नहीं आई है।
जो भी गाइड लाइन आएगी, उसके तहत कार्य कराया जाएगा। सरकार का यह अच्छा कदम है। निश्चित तौर से इस नीति के तहत पर्यटन स्थल को बढ़ावा मिल सकेगा और उनकी सुंदरता भी बढ़ेगी।