रायबरेली। ऊंचाहार क्षेत्र के सरमहदा गांव में शुक्रवार को तड़के घर में ही छह साल का बच्चा सर्पदंश का शिकार हो गया। बच्चे ने पापा से बताया कि पैर में कुछ काटा है। सभी ने सांप की तलाश की, लेकिन सांप के न मिलने पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया। करीब एक घंटे बाद बच्चे को समस्या बढ़ी तो उसे ऊंचाहार सीएचसी पहुंचाया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। वहीं सर्पदंश के एक और मरीज को भर्ती किया गया है।
शुक्रवार की सुबह सरमहदा गांव में शिवांश (6) पुत्र सुरजीत स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहा था। इसी दौरान रसोई के पास वह सर्पदंश का शिकार हो गया। शिवांश ने इसकी जानकारी माता-पिता को दी। ढूंढने के बाद सांप नहीं मिला। रसोई में चूहा मिलने पर परिवार के लोगों ने समझा चूहे ने काटा होगा।
हालांकि पिता सुरजीत ने बच्चे को स्कूल जाने से मना कर दिया। करीब एक घंटे बाद हालत खराब होने पर बच्च्चे को ऊंचाहार सीएचसी के बाद जिला अस्पताल लाया गया। करीब एक घंटे तक चले इलाज के बाद बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा पूरे नंदी गुरुबख्शगंज निवासी चांदनी (26) को भी सर्पदंश के बाद जिला अस्पताल में भर्ती करके इलाज किया जा रहा है।
सर्पदंश के बाद तत्काल मरीज को अस्पताल पहुंचाएं, देरी न करें
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा का कहना है कि सर्पदंश के बाद जहर फैलने या हालत गंभीर होने का इंतजार कतई न करें। समय से मरीज के अस्पताल पहुंचने से उसकी जान को बचाया जा सकता है। झाड़-फूंक के चक्कर में भी न पड़े। सांप काटने पर शरीर में जहर तेजी से फैलता है। एंटी स्नैक वेनम इंजेक्शन समय से लगना चाहिए।
बरतें सावधानी, बचाएं जान
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना का कहना है कि बरसात के इस मौसम में फर्श पर न सोएं। मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर के आसपास साफ-सफाई रखें। बरसात का यह समय सर्पदंश के लिहाज से सावधानी बरतने वाला होता है।
अस्पताल में सर्पदंश के बाद लगने वाला एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। मरीज को तुरंत अस्पताल लाकर भर्ती कराएं। देरी करने से नुकसान हो सकता है। समय से इलाज करके मरीज को बचाया जा सकता है।
डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल