गणेश महोत्सव को लेकर राणा नगर में भगवान गणेश की मूर्ति को अंतिम रूप देता मूर्तिकार बजरंग।
रायबरेली। गणेश चतुर्थी के लिए तैयारी पूरी हो गई है। बुधवार को विघ्नहर्ता पंडालों में विराजेंगे। मंगलवार को लोगों ने गणपति बप्पा की प्रतिमाओं की खरीदारी की। शहर के राणा नगर में कारीगर गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में लगे रहे। महंगाई के कारण बड़ी प्रतिमाओं की मांग में कमी आई है। छोटी प्रतिमाएं लोग अधिक खरीद रहे हैं। बड़े पंडालों के लिए ऑर्डर देकर गणेश प्रतिमाओं को बनवाया जा रहा है।
राणा नगर में देवी-देवताओं की प्रतिमा बनाने के काम काफी समय से हो रहा है। कारीगर बजरंग ने बताया कि वह इस समय बहुत व्यस्त हैं। 25 प्रतिमाओं का आर्डर मिला है, जिसे समय पर पूरा करना है। बताया कि इस बार बड़ी प्रतिमाओं की खरीदारी कम है। छोटी प्रतिमा 1500 रुपये से लेकर 2000 रुपये में मिल रही हैं। बड़ी प्रतिमाओं की कीमत 3000 रुपये से दस हजार रुपये तक है।
घरों में स्थापना के लिए लोग गणेशजी की छोटी प्रतिमा ही पसंद कर रहे हैं। बड़ी प्रतिमाओं को पंडालों में स्थापित किया जाएगा। मंगलवार को बाजार में लोगों ने भगवान गणेश के कपड़ों की भी खरीदारी की। सजावटी जेवर की खरीद के लिए छोटी बाजार में लोग पहुंचे।
10 फुट ऊंचाई तक की बनाई गईं प्रतिमाएं
लालगंज (रायबरेली)। कस्बा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां हो रही हैं। इस बार कस्बे में छह स्थानों को मिलाकर क्षेत्र में करीब 25 स्थानों पर गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। उनके यहां ढाई फुट से 10 फुट ऊंचाई तक की गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। आयोजन समितियों से जुड़े लोग सजावट, पूजा पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी करने में जुटे हैं। प्रतिमा निर्माण का काम करने वाले कारीगरों का कहना है कि इस बार लोगों की डिमांड पिछले सालों की तुलना में कम हुई है।
कस्बे में करीब 18 वर्षों से प्रतिमा निर्माण का कार्य कर रहे शिवशंकर तिवारी बताते हैं कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार करीब 20 प्रतिमाओं की मांग घटी है। उनका कहना है कि महंगाई के कारण लोग छोटी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषण से बचाव के लिए प्रति वर्ष की तरह इस बार भी रसायन मुक्त मिट्टी से प्रतिमा का निर्माण कर रहे हैं।