रायबरेली। डलमऊ तहसील के सूरजपुर बनापार में नौ साल बाद खलिहान की सुरक्षित भूमि खाली कराई जाएगी। तहसील से बेदखली व जुर्माना के आदेश के खिलाफ डीएम कोर्ट में की गई अपीलों को खारिज कर दिया गया।
डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने सुनवाई पूरी करते हुए कहा कि खलिहान की सुरक्षित भूमि पर निर्माण कराया गया। सुरक्षित भूमि पर कब्जेदारों का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। उन्होंने अपीलों को खारिज कर दिया है। तत्कालीन डलमऊ तहसीलदार ने सूरजपुर बनापार में अलग-अलग तारीखों में चार कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली का आदेश दिया था।
28 नवंबर 2017 को शत्रोहनलाल, 30 नवंबर 2017 को प्रेमचंद्र, 28 नवंबर 2017 को रामराज और 26 दिसंबर 12016 को कमलेश कुमार के खिलाफ बेदखली का आदेश दिया था। कब्जेदारों ने खलिहान की सुरक्षित भूमि पर कब्जा करके अवैध निर्माण करा लिया था। कब्जेदारों ने तहसीलदार के आदेश के खिलाफ डीएम कोर्ट में अपील की थी। डीएम ने मुकदमों की सुनवाई पूरी करते हुए कब्जेदारों की अपीलों को खारिज कर दिया। करीब नौ साल बाद तत्कालीन तहसीलदार के बेदखली आदेश का अनुपालन होगा।