रायबरेली। पांच साल पहले दूध में मिलावट कर बेचने वाले तीन कारोबारियों पर 2.25 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। मुकदमों की सुनवाई करते हुए एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने यह फैसला सुनाया है। कारोबारियों पर 75-75 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। उन्होंने तीनों काराेबारियों को एक माह के अंदर जुर्माना की राशि को जमा करने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर भूराजस्व की भांति जुर्माना की धनराशि को वसूला जाएगा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने वर्ष 2019 में दुग्ध अवशीतन स्थल रामसांडा ऊंचाहार और चंदापुर रोड महराजगंज स्थित दुग्ध अवशीतन स्थल से दूध का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। इसके अलावा वर्ष 2020 में हरचंदपुर निवासी अमरेंद्र सिंह के पास से दूध का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था।
नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद कारोबारियों को नोटिस देकर मुकदमे की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जुर्माने के लिए एडीएम प्रशासन के कोर्ट में मुकदमा किया गया था। एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने मुकदमों में सुनवाई करते हुए दुग्ध अवशीतन स्थल के संचालक रामसांडा ऊंचाहार प्रेम प्रकाश, चंदापुर रोड महराजगंज स्थित दुग्ध अवशीतन स्थल के संचालक प्रमोद कुमार और हरचंदपुर निवासी अमरेंद्र सिंह पर 75-75 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।