रायबरेली। जिले के सबसे बड़े निर्माणाधीन 400 केवी ट्रांसमिशन में आग से जले 10 करोड़ के उपकरणों के मामले में तीन अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि ट्रांसमिशन में रखे उपकरणों का समुचित रखरखाव नहीं किया गया।
सलोन क्षेत्र के सिरसिरा में करीब 375 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांसमिशन का निर्माण चल रहा है। 22 मार्च को बाउंड्रीवाॅल के बाहर सरपत में किसी ने आग लगा दी। लपटों से परिसर के अंदर आग भड़क गई थी। इस दौरान लकड़ी से पैक 220 केवी लाइन के उपकरण भी जल गए थे। प्रबंध निदेशक डॉ. रूपेश कुमार ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई।
जांच में पाया गया कि ट्रांसमिशन में आग बुझाने के संसाधन नहीं थे। इसके अलावा उपकरणों को खुले में रखा गया, जबकि इनको किसी स्टोर में रखा जाना था। एक साल तक उपकरणों का समुचित रखरखाव नहीं किया गया। आग से करीब 40 फीसदी उपकरण खराब हो गए हैं। मामले में अधिशासी अभियंता पवन कुमार, उपखंड अधिकारी सौरभ जायसवाल और अवर अभियंता राजकुमार पटेल की लापरवाही मिली है। प्रबंध निदेशक ने शुक्रवार को तीनों अभियंताओं को सस्पेंड कर मुख्य अभियंता कार्यालय पारेषण लखनऊ में संबद्ध किया है।