जिले में तीन लोगों की बुखार से मौत हो गई। जबकि छह अन्य रोगी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। खास बात ये है कि यहां भी रोगियों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संक्रामक रोगों का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। लालगंज ब्लॉक क्षेत्र के पूरे अंबर निवासी पप्पू (50) को शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे कई दिन से बुखार आ रहा था। यहां देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
इसी तरह बुखार से पीड़ित बछरावां के खैरहनी निवासी अनूप कुमार (35) और शिवगढ़ के जयचंद्रपुर निवासी शिवांसू (20) की भी बुखार से मौत हो गई। दोनों ने रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ा।
इसके अलावा जायस की यशोदा (35), जैतीपुर के मंगल (35), शंकरपुर के मनोज कुमार (45), करकसा की अर्चना और सुल्तानपुर आईमा की रुबी के नवजात शिशु समेत करीब छह से अधिक गंभीर रोगियों को परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
रोगियों के तीमारदारों ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर नाराजगी जताई। कहा कि इलाज के नाम पर सिर्फ ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। पूरा-पूरा दिन बीत जाता है, डॉक्टर देखने तक नहीं आते। आखिर ऐसे में रोगी ठीक कैसे होंगे।
जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एनके सक्सेना ने बताया कि सभी दवाएं उपलब्ध हैं। शासन की मंशानुरूप रोगियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। सभी चिकित्सकों को प्रतिदिन और समय से वार्डों का राउंड करने के लिए कहा गया है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।