सीतापुर। रामकोट के रहीमपुर मढि़या गांव में पिटाई से युवक की मौत होने के मामले में परिजनों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। परिजन शव को हाईवे पर रखने का प्रयास कर रहे थे, हालांकि स्थानीय पुलिस ने ऐसा नहीं होने दिया। करीब ढाई घंटे के बाद परिजन शांत हुए। तीन दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं सकी है।
गांव निवासी जगन्नाथ के मुताबिक शुक्रवार को उनकी बकरी गांव के ही निवासी तीन भाई सतीश, सुमिंदर, विमल के घर के पास चली गई थी। जिसको लेकर आरोपियों ने जगन्नाथ को पीटा था। घटना की शिकायत करने पर आरोपियों ने पीड़ित के पुत्र शत्रोहन उर्फ छोटा (38) को शाम के समय रोक लिया था। आरोपियों ने उसको दौड़ा लिया। जब शत्रोहन घर के अंदर घुस गया, तो आरोपियों ने घर में घुसकर उसकी पिटाई कर दी थी। रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कर ली थी। सोमवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजनों ने दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए नारेबाजी की, फिर डीएम से मिलने निकल पड़े। परिजन सीतापुर-दिल्ली नेशनल हाइवे पर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने हाइवे पर जाम लगता देख पुलिकर्मी प्रदर्शनकारियों को हटाया। इस बीच दोनों पक्षों के बीच में कहासुनी भी हुई। प्रदर्शनकारियों के हाइवे से नीचे उतरने के बाद यातायात सुचारु रूप से चला। मौके पर आए एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिलाया। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया।