रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर टैंकरों से डीजल-पेट्रोल चुराने वाले गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने गुल्लूपुर चौकी के पास बंद पड़े रेस्टोरेंट में गोदाम बना रखा था। यहीं पर पेट्रोल-डीजल एकत्र करके उसकी बिक्री करते थे। सूचना पर पहुंचे पेट्रोलपंप मालिकों ने हंगामा किया। हरचंदपुर पुलिस और जिला पूर्ति विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।
पेट्रोलपंप मालिकों को टैंकर से मिलने वाला पेट्रोल-डीजल लगातार कम मिल रहा था। पेट्रोल मालिकों ने टैंकर चालकों की निगरानी के लिए टीम गठित की थी। हरचंदपुर इलाके के हाईवे पर गुल्लूपुर चौकी के पास एक टैंकर से पेट्रोलियम पदार्थ चोरी किया जा रहा था। इसकी भनक लगते ही रायबरेली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, अरविंद पांडेय, आकाश सिंह, आरपी शुक्ला, मंसा अवस्थी मौके पर पहुंच गए।
सूचना पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह और जिला पूर्ति विभाग के अफसरों को दी। कुछ देर में ही हरचंदपुर थाना प्रभारी आदर्श कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के करौली गांव निवासी टैंकर क्लीनर लाल बहादुर, चालक आशीष कुमार शर्मा और लखनऊ जिले के निगोहा थाना क्षेत्र के नीरख नगर निवासी संदीप कुमार मिश्र को दबोच लिया।
जांच में पाया गया कि हाईवे पर बंद पड़े रेस्टोरेंट को गोदाम बनाया गया था। रायबरेली पेट्रोल-डीजल लेकर आने वाले टैंकर यहां पर पेट्रोलियम पदार्थ निकलवा देते थे। इसके एवज में उन्हें पैसा मिलता था। गैंग में कई लोग शामिल थे, जो मौके से भाग निकले। पुलिस ने करीब चार हजार लीटर पेट्रोलियम पदार्थ के अलावा 100 केन समेत अन्य सामान बरामद किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया हैै।
पंप संचालकों ने अफसरों की कार्यशैली पर उठाए सवाल
जांच में पाया गया है कि टैंकरों से डीजल-पेट्रोल चोरी करने का कार्य काफी समय से चल रहा था। गोदाम में बेसमेंट के नीचे केनों में पेट्रोल-डीजल भरकर रखा जाता था। भारी मात्रा में रखे पेट्रोलियम पदार्थ से विस्फोट हो जाता तो बड़ी जनहानि हो जाती। खास बात ये है कि गोदाम के पास ही गुल्लूपुर पुलिस चौकी भी है। सवाल उठता है कि पुलिस को इसकी भनक कैसे नहीं लगी। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि पुलिस और जिला पूर्ति विभाग के अफसरों की भूमिका संदेह के घेरे में है। इसकी जांच होनी चाहिए।