रायबरेली। जिले में बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी धूप नहीं निकली। कोहरे और शीतलहर से लोग घरों में दुबके रहे और सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। दिन में कोहरा छंटा, लेकिन शाम होते ही फिर कोहरा छा गया।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से गलन बढ़ गई है। अधिकतम तापमान में भारी कमी दर्ज हुई है। बादल छाने से गुरुवार को सुबह के समय कोहरा छंटा नजर आया लेकिन सर्द हवा से लोग कांपते रहे। 4.2 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ हवा से लोग कांप उठे।
स्कूलों में अवकाश होने से बच्चों को सहूलियत मिली। मौसम के इसी मिजाज का असर रहा कि अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस कम रहा। रात का तापमान 7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
आर्द्रता अधिकतम 91 प्रतिशत रही। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि आगामी चौबीस घंटे में सुबह के समय कोहरा रहेगा व पछुआ हवा से गलन बरकरार रहेगी।
वहीं शहर में लोगों को सर्दी से बचाने के लिए अलाव जलवाए जा रहे हैं। पालिका के ईओ बालमुकुंद मिश्रा का कहना है कि जिला अस्पताल, सिविल लाइंस, सुपर मार्केट, बस स्टेशन, डिग्री कॉलेज चौराहा, नेहरू नगर क्रॉसिंग समेत 65 स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं।
कड़ाके की ठंड और कोहरे से फसलों के खराब होने का खतरा मंडरा गया है। इस बार जिले में छह हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आलू की फसल बोई गई है। आलू की फसल में पाला और झुलसा रोग लगने का खतरा मंडरा रहा है। इससे किसान चिंतित हैं।
साथ ही तोइया की अधिकतर फसल पक गई है। बदली की वजह से किसान तोइया की फसल की कटाई नहीं कर पा रहे हैं। जल्द फसल नहीं कटेगी तो तोइया का दाना खेत में ही गिरकर खराब हो जाएगा।
क्षेत्रीय किसान शिवेंद्र यादव, विश्वनाथ, विपुल त्रिवेदी, हरिकेश कुमार का कहना है कि कोहरे से पक चुकी तोइया की फसल की कटाई नहीं हो पा रही है। जल्द धूप नहीं निकली तो तोइया की फसल का नुकसान झेलना पड़ेगा।
इस बार तोइया की फसल अच्छी है। तोइया में माहू भी लग रहा है। आलू में पाला लगने का खतरा है। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश ने बताया कि वैसे तो अभी तोइया और आलू की फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन मौसम इसी तरह रहा तो फसलों को नुकसान होगा।
आलू की फसल में पाला और झुलसा रोग लगने की आशंका है। इसीलिए किसान फसल की देखरेख करे। सिंचाई करने के साथ दवा का छिड़काव करें। तोइया की फसल का अभी कोई नुकसान नहीं हुआ है। धूप नहीं जल्द निकली तो फसल खराब होगी।