रायबरेली। ज्यादा खाद की बिक्री करने वाले प्राइवेट दुकानदार और साधन सहकारी समिति के सचिवों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। लखनऊ मंडल के संयुक्त निदेशक (कृषि) डॉ. अजय कृष्णा इसी सप्ताह यहां आकर जांच करेंगे। अफसरों का मानना है कि तीन माह में कम खपत होने के बाद भी डीएपी-यूरिया अधिक बिक्री कर दी गई। यही वजह है कि खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं।
विभागीय सूत्रों का दावा है कि खाद बिक्री में प्राइवेट दुकानदारों की ओर से बड़ी मनमानी की गई है। करीब 100 से ज्यादा ऐसे दुकानदार हैं, जिन्होंने तीन माह में कम खपत होने के बाद भी खाद की अधिक बिक्री की है। इसके अलावा जिले की कई साधन सहकारी समिति के सचिव भी अधिक खाद की बिक्री की है।
जिला कृषि अधिकारीअखिलेश पांडेय ने बताया कि जांच के लिए इसी सप्ताह लखनऊ मंडल के संयुक्त निदेशक (कृषि) डॉ. अजय कृष्णा यहां आएंगे। जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि खाद अधिक बेचने के पीछे दुकानदारों व सचिवों की क्या भूमिका रही। वैसे जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।