रायबरेली। दिवाली पर प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शांत क्षेत्र में किसी भी समय पटाखे फोड़ने पर पाबंदी रहेगी। रात आठ बजे से 10 बजे तक ही आतिशबाजी करने की छूट मिलेगी। अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों पर तेज आवाज और विदेशी पटाखों की बिक्री न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि पटाखों के निर्माण, विक्रय व आतिशबाजी के समय किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस बार शांत क्षेत्र जैसे अस्पताल, स्कूल आदि में किसी भी समय पटाखे नहीं छोड़ सकेंगे।
उन्होंने बताया कि पटाखे की दुकानों पर रंगीन तारा व रोल डॉट कैप्स प्रतिबंधित है। पटाखों के फटने के स्थान से चार मीटर की दूरी पर 125 डेसिबल से अधिक ध्वनि तीव्रता उत्पन्न करने वाले पटाखों का उत्पादन एवं विक्रय दुकानों पर नहीं किया जाएगा। पटाखों की अस्थायी दुकानों का निरीक्षण करके मानकों की जांच की जा रही है। तीन दिन के लिए लगने वाली पटाखा दुकानों का भी निरीक्षण किया जाएगा। खामियां मिलने पर संबंधितों पर कार्रवाई होगी।