रायबरेली। दरोगा चमन सिंह की हादसे में मौत के छह माह बाद मिले मुआवजे को लेकर पिता और उनकी बहू के बीच ठन गई है। दरोगा के पिता अनिल कुमार सिंह ने शनिवार को एसपी से मुलाकात की। उन्हाेंने एसपी से अपना दर्द बयां किया।
आरोप लगाया कि एक करोड़ 70 लाख रुपये मुआवजा मिलने के बाद बेटे की पत्नी मायके चली गई। उनके घर नहीं आई। बुलाने पर भी कुछ जवाब नहीं दे रही हैं। बोले, चाहे बहू को नौकरी दे दें या फिर पैसा पर उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
दरअसल, बहराइच जिले के बौंडी थाना क्षेत्र के केला गांव निवासी दरोगा चमन सिंह रायबरेली जिले में सेमरी चौकी प्रभारी थे। 12 फरवरी 2025 को गश्त में जाते समय सड़क हादसे में चमन की जान चली गई थी। परिवार में पिता के अलावा माता सरोज सिंह, एक बहन और दो भाई हैं। चमन घर में सबसे बड़े थे। 2019 में उनका दरोगा के पद पर चयन हुआ था।
डीजीपी राजीव कृष्णा की मौजूदगी में लखनऊ में बैंक अधिकारियों ने दरोगा की पत्नी पूजा को 31 जुलाई को मुआवजे का चेक सौंपा था। बहू के घर न पहुंचने पर ससुर ने यहां पहुंचकर गंभीर आरोप लगाए। पिता ने आरोप लगाया कि कोर्ट में मामला विचाराधीन है। बावजूद इसके अधिकारियों ने बहू को ही सिर्फ लखनऊ बुलाया और मुआवजे की धनराशि सौंप दी। उन्हें बुलाया तक नहीं गया।
पिता के मुताबिक उनकी बहू पूजा सिंह बस्ती जिले की रहने वाली हैं और उनके पिता दरोगा हैं। बेटी की शादी इसी साल करनी है। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने पिता को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
पैसा देने से मुकर गई है बहू
अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि दरोगा के परिवार वालों और उनकी पत्नी के बीच मीटिंग कराई गई थी। मीटिंग में बहू ने दरोगा के परिवार को पैसा देकर मदद करने की बात कही थी। अब बहू मुकर गई है। पिता की शिकायत सुनी गई है। प्रयास किया जा रहा है कि पिता और बहू के बीच हुआ विवाद शांत हो जाए। वैसे हम लोगों ने मिलकर दरोगा की बहन की शादी के लिए परिवार को 22 लाख की मदद सौंपी थी।