रायबरेली में शहर के एक मकान में लगाए गए स्मार्ट मीटर को देखते अभियंता।
रायबरेली। जिले में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। जिन एजेंसियों को मीटर लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनके पास कर्मियों की कमी है। यही वजह है कि मीटर लगाने में तेजी नहीं आ रही है। 31 मार्च तक सरकारी विभागों में मीटर लगाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब तक सरकारी विभागों में ही मीटर नहीं लग पाए हैं।
जिले में पांच लाख बिजली उपभोक्ता हैं। सभी के घरों में इलेक्ट्राॅनिक मीटर लगे हैं। रीडर समय से बिल नहीं पहुंचाते हैं। ऐसे में उपभोक्ता समय से बिजली का बिल नहीं जमा कर पाते हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसकी जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को दी गई है। कर्मियों की कमी की वजह से पांच लाख कनेक्शनों के सापेक्ष अब तक महज 30 हजार ही मीटर लग पाए हैं।
विद्युत वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता अनुभव कुमार ने बताया कि जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति धीमी है। इसके लिए एजेंसियों से पत्राचार किया गया है। यदि समय से मीटर नहीं लगाए गए, तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।