रायबरेली। प्रदेश के मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर भेजने वाली महिला को इंसाफ की दरकार है। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस हरकत में तो आई, लेकिन दंपती के बीच का आपसी विवाद बताकर लव जिहाद के प्रकरण से इंकार कर रही है। इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। दरअसल, प्रतापगढ़ की रहने वाली महिला ने सीएम को खून से लिखकर भेजे गए पत्र में बताया है कि 11 साल पहले रायबरेली के रहने वाले युवक के साथ उनकी शादी हुई थी। रायबरेली शहर के रहने वाले दो लोगों की मदद से दूसरे समुदाय की युवती ने उनके पति को लव जिहाद में फंसा लिया। इसके बाद उन्हें मारपीट करके घर से बाहर निकाल दिया है। शिकायत पर भी पुलिस-प्रशासन से उन्हें न्याय नहीं मिल पाया।
पीड़िता के खून से पत्र लिखने के बाद मामला मीडिया तक पहुंचा तो पुलिस महकमा हरकत में आया। सीओ सदर अमित सिंह ने इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज राकेश मिश्रा को प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। सीओ के मुताबिक दंपती के बीच आपसी विवाद है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। महिला की तरफ से लिखाई गई एफआईआर में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है, जबकि पति की ओर से लिखाई गई एफआईआर की विवेचना कराई जा रही है। पुलिस के इस बयान पर पीड़िता को कतई भरोसा नहीं है। पीड़िता का आरोप है कि युवती ने उसके पति को लव जिहाद में फंसा लिया है, जिसके चलते उसका हंसता खेलता परिवार टूट गया है। युवती और उसे शह देने वाले दो युवकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, क्योंकि यही लोग उनके पति को भ्रमित कर रहे हैं। जल्द वह इस संबंध में लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेगी।