महराजगंज क्ष्ज्ञेत्र के हलोल में खड़ी धान की फसल।
रायबरेली। मौसम का मिजाज अचानक बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे। दिनभर कहीं धूप तो कहीं बादलों का असर बना रहा। दोपहर बाद घने बादल छाने से बारिश की आशंका बढ़ गई, हालांकि कुछ देर बाद बादल छंट गए। देर रात तक आसमान में बदली छाई रही। मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन धान की फसल को लेकर किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि बारिश और तेज हवा से तैयार फसल बर्बाद हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को बारिश के साथ तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस बार जिले में एक लाख 61 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई है।
इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी, फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है। बारिश का भी अलर्ट है। अगले दो दिन मौसम खराब रहने की संभावना है। बारिश और तेज हवा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
बारिश हुई तो झेलना पड़ेगा नुकसान
हलोर। पुरासी गांव निवासी किसान गंगा सागर पांडेय, जमुरावां निवासी प्रवीण त्रिपाठी और पहाड़गंज निवासी पारसनाथ सिंह ने बारिश की आशंका पर चिंता जताई। किसानों ने बताया कि ज्यादातर खेतों में धान की फसल पक चुकी है। बारिश और तेज हवा से फसल खेतों में गिर सकती है। इससे कटाई और उपज को सुरक्षित रखने में परेशानी होगी। खेतों में नमी बढ़ने से कटाई के साथ फसल सुखाने में भी दिक्कत आ सकती है। इससे उत्पादन और आमदनी प्रभावित होने की आशंका है।
सावधान रहें किसान : अखिलेश
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि मौसम के अलर्ट को देखते हुए किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, वे उपज को जल्द सुरक्षित कर लें। खेतों में खड़ी फसल की कटाई मौसम अनुकूल रहने पर करें। साथ ही खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें, ताकि बारिश होने पर फसल को नुकसान से बचाया जा सके।