शहर के रेलवे स्टेशन परिसर में निर्माणाधीन टैंक।
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में पानी भरने के लिए क्विट वाटरिंग सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। सिस्टम के लिए एक महीने पहले बोरिंग कराई जा चुकी है। वर्तमान में वाटर टैंक बनाने का काम चल रहा है, जिसे अगले दो हफ्ते में पूरा कर लिया जाएगा।
मार्च में प्लेटफॉर्मों तक पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कराएंगे। सिस्टम तैयार होने के बाद ट्रेनों में पानी खत्म होने की समस्या दूर होगी। अगर रास्ते में ट्रेन की बोगियों का पानी खत्म हो जाएगा तो उन्हें महानगरों के स्टेशन पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि रायबरेली में ही यह सुविधा मिल जाएगी।
लखनऊ मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाने के लिए रेलवे और जल निगम के बीच समझौता हुआ है। इसमें रायबरेली स्टेशन भी चयनित है। इसीलिए रायबरेली स्टेशन पर रेलवे अस्पताल के पीछे खाली जगह पर क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम काम करा रहा है।
बोरिंग का काम पूरा करा लिया गया है। इस समय वाटर पंप तैयार करा रहे हैं। बोरिंग के पास ही भूमिगत वाटर टैंक बनाने का काम 50 फीसदी पूरा हो गया है। इससे पर्याप्त मात्रा में हर समय जल उपलब्ध रहेगा। बार-बार पंप चलाने की जरूरत नहीं होगी और न ही पानी खत्म होने की समस्या आएगी।
अगले दो हफ्ते में वाटर टैंक का निर्माण पूरा करा लेने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कराया जाएगा। स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों तक पाइप लाइन बिछाई जाएगी, ताकि किसी भी प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों के रुकते ही उनकी बोगियों में पानी भरा जा सके।
गर्मी में अक्सर पानी खत्म होने के कारण ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को दिक्कत होती है। कोचिंग डिपो अफसर अरविंद यादव का कहना है कि क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाने का काम तेजी से चल रहा है। वाटर टैंक का काम दो सप्ताह तक पूरा होने की उम्मीद है।