चुनाव ड्यूटी में लगे सभी आपूर्ति निरीक्षकों ने चुनाव कार्य का बहिष्कार कर दिया। हंगामा करने के साथ ही प्रदर्शन करने लगे।
पेट्रोलपंप के कर्मचारी भी उनके समर्थन में आ गए। वाहनों में ईंधन भरना बंद कर दिया। बवाल बढ़ने पर दोनों आपूर्ति निरीक्षकों को छोड़ दिया गया। लेकिन आपूर्ति निरीक्षक ट्रेनी सीओ से माफी मांगने की बात पर अड़े रहे।
सूचना पर पहुंचे डीएम सूर्यपाल गंगवार ने चुनाव ड्यूटी में लगे पूर्ति निरीक्षकों को शांत कराया। चौथे चरण के मतदान के लिए पोलिंग पार्टियां बुधवार को ब्लॉकों से रवाना होंगी।
मंगलवार को जिला मुख्यालय से वाहन ब्लॉकों को भेजे जा रहे थे। इसके पहले सिविल लाइंस स्थित पेट्रोलपंप पर वाहनों में ईंधन भराया जा रहा था।
ईंधन भराने की जिम्मेदारी जिला आपूर्ति कार्यालय में तैनात आपूर्ति निरीक्षकों को दी गई है। आपूर्ति निरीक्षक प्रदीप शुक्ला और आशीष श्रीवास्तव वाहनों में ईंधन भरवा रहे थे।
उनका आरोप है कि इसी बीच ट्रेनी सीओ दीपक कुमार पहुंचे। उन्होंने लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग के पास खड़े वाहनों को हटाने के लिए कहा।
इस पर उन्होंने उच्चाधिकारियों से सीओ से बात कराने की बात कही। इस पर ट्रेनी सीओ ने कॉलर पकड़ लिया। साथ ही हाथापाई कर जीप में बैठा लिया और सिविल लाइंस चौकी ले गए।
आपूर्ति निरीक्षक के साथ हाथापाई और चौकी पर ले जाने की जानकारी मिलते ही अन्य आपूर्ति निरीक्षक भी मौके पर पहुंच गए।
सारे घटनाक्रम से गुस्साए आपूर्ति निरीक्षकों ने जिला पूर्ति निरीक्षक को इसकी जानकारी देने के साथ ही हंगामा करना शुरू कर दिया।
जिले के कुछ पेट्रोलपंप के कर्मचारी भी आपूर्ति निरीक्षकों के समर्थन में उतर आए और वाहनों पर ईंधन भरना बंद कर प्रदर्शन करने लगे।
हालांकि बाद में दोनों आपूर्ति निरीक्षकों को छोड़ दिया गया। लेकिन सभी आपूर्ति निरीक्षक और पेट्रोलपंप कर्मचारी सीओ से माफी मांगने की बात करने लगे।
सूचना पर पहुंचे डीएम सूर्यपाल गंगवार ने आपूर्ति निरीक्षकों, पेट्रोलपंप के कर्मियों को शांत कराया। अपराह्न तीन बजे से शुरू हुआ बवाल शाम छह बजे तक चला। इसके बाद वाहनों में ईंधन भरकर उन्हें ब्लॉकों में रवाना कराया गया।