रायबरेली। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी व घटिया सामग्री का इस्तेमाल कदापि बर्दाश्त नहीं होगा। निर्माण में लगाई जा रही सामग्री की गुणवत्ता को परखने के लिए जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने सामग्री का लैब परीक्षण कराने का आदेश दिया है। डीएम शुक्रवार को राही विकास क्षेत्र के बेलाभेला में बन रहे मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निरीक्षण कर रही थी।
उन्होंने कार्यदायी संस्था से कहा कि निर्माण कार्य हर हालत में निर्धारित समय पर पूरा कराया जाए ताकि विद्यालय का संचालन शुरू हो सके। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि निर्माण में प्रयोग में लाई जा रही सामग्री का नियमित तौर पर लैब परीक्षण कराया ताकि सामग्री की गुणवत्ता का पता चल सके। यह विद्यालय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए विद्यालय के निर्माण कार्य में किसी तरह गड़बड़ी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
इस विद्यालय में प्री-प्राइमरी के साथ कक्षा एक से 12 तक की पढ़ाई होगी। इसके लिए पठन पाठन से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक कक्षा में डिजिटल एजुकेशन प्लेटफार्म एवं डिजिटल लर्निंग के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी। बेहतर शिक्षण कार्य के लिए आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी बनने के साथ ही विज्ञान, कला एवं वाणिज्य सभी विषयों की कक्षाएं भी संचालित होंगी। निरीक्षण के दौरान जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सुधीर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह और लोक निर्माण विभाग व कार्यदायी संस्था के अधिकारी मौजूद रहे।