रायबरेली। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. शशिकांत शर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार को रायबरेली की याद विकास के नियमित कामकाज के लिए नहीं, बल्कि चुनावी जरूरतों के समय आती है। उन्होंने करीब 879 करोड़ की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास को चुनावी घोषणाओं का नया पैकेज करार दिया है। उन्होंने कहा कि रायबरेली की जनता अब भाषण नहीं, परिणाम देखना चाहती है। शिलान्यास नहीं, निर्माण देखना चाहती है। आंकड़े नहीं, अपने जीवन में बदलाव देखना चाहती है।
सपा के प्रदेश सचिव ने कहा कि दिसंबर 2021 और जनवरी 2022 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा सरकार ने रायबरेली के लिए लगभग 834 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का पैकेज पेश किया था। इसका हिसाब कौन देगा। अब अगस्त 2026 में एक बार फिर लगभग 879 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जा रहा है। यदि पिछली घोषणाओं का विकास जमीन पर पूरी तरह दिखाई दे रहा है तो सरकार को उसी उपलब्धि का विस्तृत हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
जिले की जनता केवल शिलान्यास के पत्थर और मंच से होने वाली घोषणाएं नहीं, बल्कि योजनाओं का वास्तविक परिणाम जानना चाहती है। सवाल यह है कि जिन परियोजनाओं की घोषणाएं पहले की गईं, उनमें कितनी पूरी हुईं, कितनी अधूरी हैं और कितनी कागजों में चल रही हैं।
मधुशाला खुलीं और पाठशालाएं बंद : वीरेंद्र यादव
रायबरेली। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष इं. वीरेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन पर जिले में पाठशालाएं बंद रहीं और मधुशाला खुली रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों को बंद करके शिक्षकों को मुख्यमंत्री के सभास्थल में भीड़ बढ़ाने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। जिलेभर में शराब की दुकानें आवश्यक रूप से खोली गईं। सपा जिलाध्यक्ष ने विद्युत आपूर्ति पर हुई टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि सपा सरकार में ही रायबरेली शहर को 24 घंटे और देहात को 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने की शुरुआत हुई थी। भाजपा की सरकार में एक यूनिट बिजली नहीं बढ़ी, बल्कि घोर कटौती एवं बढ़ी दरों का शिकार आमजन हो रहा है।