जिले में 23 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले सोमवार को चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की वोटिंग का कार्य एफजी कॉलेज के मैदान में शुरू हो गया। पहले दिन छह विधान सभा सीटों पर 308 वोट डाले गए।
सरेनी और ऊंचाहार विधान सभा सीट पर सबसे अधिक मत पड़े। इस दौरान गहमागहमी का माहौल रहा। हर मतदान कार्मिक ने अपने चहेते प्रत्याशी को पोस्टल बैलेट पेपर के जरिए वोट दिया।
इस बार 10 हजार कर्मियों की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है। मतदान में ड्यूटी लगने के कारण ये लोग अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते। इसलिए इन कर्मचारियों की वोटिंग पहले ही कराई जाती है।
एफजी कॉलेज के मैदान में अलग-अलग विधानसभा सीटों का बूथ बनाकर वोटिंग कराई गई। प्रशिक्षण लेने आए 308 मतदान कर्मियों ने वोट का इस्तेमाल किया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शत्रोहन वैश्य भी मौके पर पहुंचे और जाना कि किस विस सीट पर कितने मतदान कर्मियों ने वोट डाले।
उन्होंने बताया कि 19 फरवरी तक पोस्टल बैलेट पेपर के जरिए मतदान कार्मिक वोट डाल सकेंगे। जिला प्रशासन का प्रयास था कि जो मतदान कर्मी प्रशिक्षण लेने आएंगे, वे वोट भी डाल देंगे। पर वोट डालने में मतदान कर्मियों का ही जज्बा नहीं दिखा।
एफजी कॉलेज सभागार में सोमवार को 1200 मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना था। शाम पांच बजे तक प्रशिक्षण भी समाप्त हो गया, लेकिन छह विस सीटों पर 308 वोट ही डाले गए। हालांकि अफसरों का मानना है कि 19 फरवरी तक वोटिंग होनी है। इसलिए इस तिथि तक सभी मतदान कर्मी अपना वोट जरूर डालेंगे।