रायबरेली। प्रयागराज से गोरखपुर लौटने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस पर बुधवार को देर शाम हुए पथराव के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले में जांच शुरू कर दी गई है। अब तक हुई जांच में कोई नतीजा नहीं निकला है। ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का इंतजार किया जा रहा है।
पत्थर फेंकने से कोच के शीशे की बाहरी परत टूटी है। गनीमत रही कि जिस जगह पत्थर लगा, उसके पास वाली सीट खाली थी। इससे कोई हताहत नहीं हुआ। वंदेभारत एक्सप्रेस प्रयागराज से चलने के बाद शाम को रायबरेली पहुंची। कुछ देर ठहराव के बाद लखनऊ की ओर रवाना हुई। लखनऊ पहुंचने पर ट्रेन के स्टाफ ने पत्थर फेंके जाने की सूचना दी, जिस पर देर रात तक छानबीन होती रही। घटना का पूरा ब्योरा आने के बाद देर रात आरपीएफ ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि यह घटना रायबरेली स्टेशन से चलने के बाद हुई है। इसलिए घटनास्थल की सही लोकेशन अभी पता नहीं है। सीसीटीवी फुटेज से ही सही लोकेशन पता चलेगी और हमलावरों की पहचान भी हो सकेगी। वंदेभारत एक्सप्रेस के कोच संख्या सी-5 पर सीट संख्या 40-42 के पास पत्थर लगा है, जिससे शीशे की बाहरी परत टूटना पाया गया है। ट्रेन में देखरेख के लिए तैनात रोबन सिंह ने पूछताछ के दौरान बताया कि रायबरेली से चलने के कुछ देर बाद चेकिंग कर रहे थे, तभी कोच का शीशा चटका पाया गया।
आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि अब तक की छानबीन में यही पता चला है कि वंदेभारत पर पत्थर उस समय फेंका गया, जब यह ट्रेन रायबरेली से लखनऊ की ओर बढ़ी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि डबल फाटक से चंपा देवी पुल के बीच पत्थर फेंका गया होगा। अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक नरसीराम गुर्जर को जांच सौंपी गई है। मामले में कोई न कोई सुराग जल्द हाथ लगेगा, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज आते ही सब कुछ सामने आ जाएगा।