रायबरेली। प्रतापगढ़ जिले में रेल लाइन दोहरीकरण और कानपुर में गंगा पुल की पटरियों पर शुरू हुए काम की वजह से ट्रेनों का संचालन पटरी से उतर गया है। इससे प्रतापगढ़ और कानपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा मुश्किल हुई। उन्हें कोई ट्रेन नहीं मिली तो रोडवेज बसों का सहारा लिया।
लखनऊ जाने वाले यात्रियों ने प्रयागराज की ओर से आने वाली ट्रेनों से सफर किया, लेकिन ट्रेन में चढ़ने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। इससे इन ट्रेनों में मारामारी रही। रेलवे स्टेशनों पर ज्यादातर समय सन्नाटा पसरा रहा। बृहस्पतिवार को प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (अप-डाउन), रायबरेली-कानपुर पैसेंजर (अप-डाउन), जौनपुर-रायबरेली इंटरसिटी (अप-डाउन), प्रयागराज-कानपुर पैसेंजर (अप-डाउन) निरस्त रहीं।
इसके अलावा हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल (अप-डाउन), ऊंचाहार एक्सप्रेस (अप-डाउन), प्रयागराज-कानपुर इंटरसिटी (अप-डाउन), प्रतापगढ़-मुंबई उद्योग नगरी एक्सप्रेस, जम्मू तवी-पटना अर्चना एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें बदले हुए मार्ग से चलीं, जिससे यह गाड़ियां रायबरेली जिले से होकर नहीं गुजरीं।
इन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को काफी मुश्किलें हुईं। लखनऊ जाने के लिए प्रयागराज से आने वाली ट्रेनों के लिए कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। प्रतापगढ़ या कानपुर जाने के लिए रोडवेज बसों का सहारा लिया। ट्रेनों की संख्या कम होने से रायबरेली, बछरावां समेत अन्य रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बहुत कम नजर आई। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार का कहना है कि ट्रेनों के निरस्तीकरण और रूट डायवर्जन से स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या कम हुई है।
रेंगती रही जनता मेल, दूसरी गाड़ियां भी लेट
रायबरेली। जिले से होकर जो ट्रेनें बृहस्पतिवार को गुजरीं, उनकी लेटलतीफी अधिक रही। जनता मेल तो रेंगती रही। देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल लेट होने के कारण कई स्टेशनों पर देर तक रोकी गई। प्रतापगढ़ में दोहरीकरण शुरू होने के कारण इस ट्रेन को नियंत्रित किया जाता रहा। लखनऊ में यह ट्रेन डेढ़ घंटे लेट रही, लेकिन रायबरेली से रवाना हुई तो चार घंटे लेट हो गई। रास्ते में श्रीराज नगर, बछरावां, हरचंदपुर, रायबरेली में देर तक रोका गया।
इसी तरह दिल्ली-प्रतापगढ़ पद्मावत एक्सप्रेस सवा घंटे, सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस पौन घंटे, प्रयागराज-लखनऊ गंगा गोमती एक्सप्रेस आधे घंटे विलंब से आई। बुधवार को देर रात बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस व नई दिल्ली-बनारस काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस ढाई घंटे, वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर एक घेटे देर से आई।
आगे इंजन दौड़ने से 25 मिनट रुकी वंदेभारत ट्रेन
रायबरेली। प्रयागराज से गोरखपुर जाने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को देर शाम 25 मिनट तक रायबरेली स्टेशन पर रोका गया। यह ट्रेन 16 मिनट विलंब से रायबरेली पहुंची और रवाना हुई तो 39 मिनट लेट हो गई। सुबह गोरखपुर से प्रयागराज जाने वाली वंदेभारत तय समय से छह मिनट पहले आ गई, जो कुछ देर रुकने के बाद निर्धारित समय पर रवाना हुई। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन कुमार ने बताया कि शाम वाली वंदेभारत इसलिए रोकी गई, क्योंकि एक इंजन गंगागंज भेजने के लिए दौड़ाया गया था। गंगागंज स्टेशन पर इंजन के पहुंचने के बाद वंदेभारत चलाई गई।
स्टेशन पर पसरा सन्नाटा, गिने-चुने यात्री ही पहुंचे
ऊंचाहार (रायबरेली)। नगर के रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार को सन्नाटा पसरा रहा। सिर्फ कुछ यात्री ही नजर आए। कानपुर की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों के निरस्त होने या डायवर्ट किए जाने से यात्रियों की संख्या कम रही। लखनऊ की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों के यात्री ही नजर आए, जिससे ज्यादातर समय सन्नाटा ही दिखा। टिकट काउंटर भी सूना नजर आया। ऊंचाहार एक्सप्रेस और इंटरसिटी एक्सप्रेस डायवर्ट किया गया है, जबकि पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिए जाने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कानपुर या प्रयागराज की ओर जाने वाले यात्रियों को रोडवेज बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कानपुर में रेल पटरियों को दुरुस्त किए जाने के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है।