रायबरेली। लखनऊ में फर्जी बिल के जरिए दवाओं की खरीद-बिक्री का मामला सामने आने के बाद बछरावां स्थित मिश्रा मेडिकल एजेंसी के संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू हो गई है। औषधि निरीक्षक माधुरी सिंह ने शुक्रवार को संचालक आमोद कुमार मिश्रा के खिलाफ बछरावां थाने में तहरीर दी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर टीम ने 24 जुलाई को मिश्रा मेडिकल एजेंसी का निरीक्षण किया था। जांच में ऑगमेंटिन डुओ 625, बैच संख्या 825डी091 के 3200 पत्ते लखनऊ स्थित मिश्रा एसोसिएट्स से खरीदे जाने का मामला सामने आया। दवा का कंपनी मूल्य करीब 116.70 रुपये प्रति इकाई था, जबकि फर्म ने इसे 56.60 रुपये में खरीदा था। इसे संदिग्ध मानते हुए 29 जुलाई को अमीनाबाद थाने में मिश्रा मेडिकल एजेंसी और मिश्रा एसोसिएट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद पांच अगस्त को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में एजेंसी के स्टोर की दोबारा जांच की गई। इस दौरान कैनाकॉर्ट इंजेक्शन के बैच संख्या एनसीएल 0243 के पैक पर मुद्रण संबंधी गड़बड़ी मिली। टीम ने अन्य एलोपैथिक दवाओं के आठ संदिग्ध नमूने भी जांच के लिए लिए। कार्रवाई के दौरान मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया।
औषधि निरीक्षक माधुरी सिंह ने शुक्रवार को बछरावां थाने में दी तहरीर में कूटरचित और फर्जी बिलों के माध्यम से नकली दवाओं के भंडारण, क्रय और बिक्री किए जाने का आरोप लगाया है। बछरावां थानाध्यक्ष श्याम कुमार पाल ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर जल्द एफआईआर दर्ज की जाएगी।