रायबरेली। शहर के चतुर्भुजपुर गांव में रविवार को चारागाह की भूमि पर मेड़बंदी करने गई नगर पालिका और पुलिस टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। भू माफिया ने ग्रामीणों के साथ मिलकर टीम का न सिर्फ घेराव किया, बल्कि मेड़बंदी करने से रोक दिया। भूमि की नापजोख कराने का हवाला देते हुए भू माफिया ने पालिका व पुलिस टीम को वापस लौटा दिया। पालिका के अफसरों का कहना है कि सोमवार को दोबारा तहसील के अधिकारियों के साथ जाकर नए सिरे से जमीन की नापजोख कराकर फिर मेड़बंदी कराई जाएगी।
चतुर्भुजपुर गांव में चारागाह की 13 बीघे भूमि है। सदर तहसील की टीम ने हाल में ही चारागाह की भूमि पर अवैध कब्जा हटवाया था। इस भूमि की कीमत करीब 30 करोड़ रुपये है। नगर पालिका परिषद रायबरेली की ओर से इस भूमि पर पौधरोपण कराया जाना है। पालिका में तैनात एई सुरेंद्र यादव, राजस्व निरीक्षक गौरव शुक्ला दोपहर में मिल एरिया थाने में तैनात पुलिस कर्मियों के साथ भूमि पर मेड़बंदी करने पहुंचे थे।
बताते हैं कि भूमि पर भू माफिया ने फिर से कब्जा कर लिया। ग्रामीणों के साथ मिलकर भू माफिया ने खुद की जमीन बताकर पालिका की टीम को मेड़बंदी करने से रोक दिया। भू माफिया का कहना था कि नए सिरे से भूमि की नापजोख कराई जाए। यह उनकी भूमि है। इस दौरान टीम के सदस्यों और भू माफिया के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख पालिका और पुलिस टीम लौट गई।
कर निर्धारण अधिकारी ललितेश सक्सेना ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सोमवार को तहसील के अधिकारियों के साथ टीम भेजकर जमीन पर मेड़बंदी कराई जाएगी। मिल एरिया थाना प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर आरोपियों पर केस दर्ज किया जाएगा।