रायबरेली में रविवार को इंजन के अभाव में प्लेटफॉर्म पर खड़ी मालगाड़ी।
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व्यापारियों का माल समय से गतंव्य स्थान तक पहुंचाने का दावा करने वाला रेलवे फिलहाल इंजनों की कमी से जूझ रहा है। सोचने में यह थोड़ा अटपटा जरूर रहता है, लेकिन है पूरी तरह से सच।
जिले के तीन रेलवे यार्डों में पांच लोडेड मालगाड़ियां सिर्फ दो दिन तक इसलिए खड़ी रही कि उन्हें ले जाने के लिए कोई इंजन नहीं मिल सका। रविवार को मामला उजागर होने पर आनन-फानन रेलवे ने लखनऊ से इंजन मंगाकर इन सभी गाड़ियों को रवाना किया।
इन मालगाड़ियों में किसी में सीमेंट तो तो किसी में कोयला लदा था। रायबरेली रेलवे स्टेशन पर तीन, जायस रेलवे स्टेशन और रूपामऊ रेलवे स्टेशन स्थित यार्ड में एक-एक लोडेड मालगाड़ियां दो दिन तक रेल ट्रैक पर खड़ी रही।
इन मालगाड़ियों में सीमेंट और कोयला लदा था। इनमें किसी को मोहनलालगंज तो किसी को प्रतापगढ़ जाना था। बताते हैं कि इन मालगाड़ियों के इंजन खराब हो गए थे। रविवार को मामला उजागर होने पर रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया।
अफसरों ने आनन-फानन लखनऊ से इंजनों की व्यवस्था करके मालगाड़ियों को गतंव्य के लिए रवाना किया। यातायात निरीक्षक परवेज अहमद ने बताया कि इंजन की कमी के कारण मालगाड़ियों का ठहराव हुआ था। इंजन की व्यवस्था करके सभी मालगाड़ियों को गतंव्य स्थान रवाना कर दिया गया है।
कौन सी मालगाड़ी कहां जानी थी और कहां से आई थी, इस बाबत जब रेलवे अफसरों से जानकारी मांगी गई तो उनका जवाब टाल मटोल भरा रहा। उनका कहना था कि मालगाड़ियां इंजन खराब होेने के कारण रुकी थीं। उन्हें अब रवाना कर दिया गया है।
आरपीएफ प्रभारी प्रताप सिंह नेगी का कहना है कि इंजन की कमी के कारण मालगाड़ियां यार्ड में खड़ी थी। इंजन की व्यवस्था होने के बाद इन्हें गतंव्य को रवाना तक दिया गया है।