परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा की तैयारियों की पहले दिन ही हवा निकल गई। विद्यालयों में प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं तो पहुंचा दी गई, लेकिन नकल की रोकथाम का दावा खोखला साबित हुआ। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक स्कूलों में जमकर नकल हुई और शिक्षकों ने कराई भी। इन पर अंकुश लगाने वाले विभागीय अधिकारी और सचल दस्ते गायब रहे। बच्चों में कोई किताब तो कोई कॉपी से नकल टीपता रहा।
कहीं-कहीं पर बच्चों ने झुंड बनाकर नकल की, तो कई विद्यालयों में गुरुजी को ही उत्तर बताने पड़े। बेसिक शिक्षा विभाग की परीक्षा में जमकर तैयारियों की धज्जियां उड़ाई गईं। कहीं पर कोई गोपनीयता नहीं दिखाई दी। जिले में 2600 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। दो पालियों में हुई परीक्षा में कहीं पर कोई इंतजाम नहीं नजर आया। प्राथमिक स्तर पर पहली पाली में हिंदी, द्वितीय में कला, संगीत, पर्यावरण अध्ययन, जबकि जूनियर स्तर में प्रथम पाली में हिंदी, द्वितीय में संस्कृत, उर्दू की परीक्षा हुई।
शिक्षा विभाग के निर्देशों को दरकिनार कर शिक्षकों ने बच्चों को नकल कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। डलमऊ तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय शेरंदाजपुर में परीक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर दी गई। बच्चों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं रही। बेरोकटोक बच्चे एक-दूसरे की कॉपियों से नकल करते रहे। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय मियां टोला का भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। इस दौरान उपस्थित शिक्षक इधर-उधर घूमते नजर आए। या फिर नकल कराते रहे।
खीरों ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अतरहर में परीक्षा का खूब मखौल उड़ाया गया। विद्यालय में तैनात शिक्षक आपस में हंसी-ठिठोली करते रहे। वहीं बच्चे एक-दूसरे की कॉपियों से देखकर उत्तर लिखने में व्यस्त रहे। दोनों पालियों की परीक्षा में सिर्फ खानापूरी ही होती रही। पूर्व माध्यमिक विद्यालय खतराना में परीक्षा की धज्जियां उड़ती रहीं। खुलेआम बच्चे नकल करते बच्चे।
नगर क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय (बालक) किला में किताब खोलकर बच्चों ने नकल की। इनको रोकने के बाद मौजूदशिक्षक नकल को नजरअंदाज करते रहे। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय जहानाबाद में छात्र-छात्राओं ने किताब से देखकर उत्तर लिखे। इस दौरान किसी ने उनको रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। खीरों खंड शिक्षा अधिकारी रवी कुमार सिंह का कहना है कि छह विद्यालयों का निरीक्षण किया।
इसमें प्राथमिक विद्यालय खरगापुर में प्रधान शिक्षक अखिलेश मिश्र अनुपस्थित मिले। एक दिन वेतन कटौती की कार्रवाई की है। इसी तरह डलमऊ बीईओ विश्वनाथ प्रजापति का कहना है कि चार विद्यालयों का निरीक्षण किया। कुछ खामियां जरूर मिली है। सुधारने के निर्देश दिए हैं।